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मतदान नागरिकों के विश्वास का प्रतिबिंब-राष्ट्रपति

राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर नई दिल्ली सहित देशभर में लोकतंत्र का उत्सव

राष्ट्रपति ने नए मतदाताओं को वोटर आईडी कार्ड बांटे और उन्हें बधाई दी

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Sunday 25 January 2026 05:50:01 PM

national voters' day

नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर नई दिल्ली में आयोजित समारोह में कहा हैकि आजके मतदाता भारत के भविष्य के निर्माता हैं और विश्वास जतायाकि देश के सभी मतदाता जिम्मेदारी से अपने मतदान के अधिकार का प्रयोग करेंगे और राष्ट्र निर्माण में योगदान देंगे। उन्होंने कहाकि भारत में मतदाताओं की संख्या 95 करोड़ से अधिक है और भारतीय लोकतंत्र की ताकत महज़ मतदाताओं की विशाल संख्या में ही नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक भावना की गहराई में भी निहित है। उन्होंने कहाकि चुनाव प्रक्रिया में सबसे बुजुर्ग मतदाता, दिव्यांग मतदाता और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोग भी अपने मताधिकार का प्रयोग करते हैं। उन्होंने जागरुक मतदाताओं और चुनाव आयोग के नेतृत्व में चुनाव प्रक्रिया से जुड़े लोगों की सराहना की, जिन्होंने मताधिकार का प्रयोग करने के इतने प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। राष्ट्रपति ने कहाकि जनभागीदारी जमीनी स्तरपर लोकतंत्र की भावना को व्यावहारिक रूप देती है। उन्होंने कहाकि चुनाव आयोग ने यह सुनिश्चित करने के मकसद से कई प्रयास किए हैंकि ‘कोई भी मतदाता पीछे न छूटे’।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लोकतंत्र और मताधिकार के प्रसंग में बाबासाहब डॉ भीमराव रामजी आंबेडकर के शिक्षाप्रद विचार का जिक्र कियाकि वे मानते थेकि मताधिकार का प्रयोग राजनैतिक शिक्षा को सुनिश्चित करने का माध्यम है। राष्ट्रपति ने उल्लेख कियाकि भारतीय लोकतंत्र के संदर्भ में दो तिथियां बहुत महत्वपूर्ण हैं, पहली 26 नवंबर 1949 को हमने संविधान को अपनाया, उसके दो महीने बाद 26 जनवरी 1950 को हमने संविधान को पूरी तरह से लागू किया और भारतीय गणराज्य अस्तित्व में आया। उन्होंने कहाकि संविधान के केवल 16 अनुच्छेद ऐसे थे, जो 26 नवंबर 1949 के दिन ही तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए थे, उनमें से एक अनुच्छेद 324 भी था, जिसके तहत निर्वाचन आयोग की स्थापना और कार्यों से जुड़े प्रावधान निर्धारित किए गए थे और इसी अनुच्छेद के अनुसार 26 जनवरी 1950 के दिन यानी भारतीय गणतंत्र की स्थापना के एक दिन पहले ही 25 जनवरी 1950 को निर्वाचन आयोग की स्थापना की गई। राष्ट्रपति ने कहाकि आजके दिन हम चुनाव आयोग की स्थापना के ऐतिहासिक अवसर पर अपने लोकतंत्र का विशेष उत्सव मनाते हैं। उन्होंने कहाकि उन्हें बताया गया हैकि आजके उत्सव में राष्ट्रीय स्तर के आयोजन केसाथ राज्य व संघ शासित राज्यों, जिला और बूथ लेवल पर देशवासी और संस्थान भागीदारी कर रहे हैं।
राष्ट्रपति ने आशा व्यक्त कीकि अपने मताधिकार का प्रयोग करते हुए हमारे मतदाता अपनी राजनैतिक जागरुकता का परिचय देते रहेंगे और निर्वाचन पद्धति के जरिए भारतीय लोकतंत्र को और अधिक शक्ति प्रदान करते रहेंगे। उन्होंने कहाकि मतदाता जागरुकता के कई कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं और चुनाव आयोग का इसवर्ष का विषय ‘मेरा भारत, मेरा वोट: भारतीय लोकतंत्र के केंद्र में भारतीय नागरिक’ हमारे लोकतंत्र की भावना को दर्शाता है और लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदान के अधिकार के महत्व को रेखांकित करता है। राष्ट्रपति ने कहाकि मतदान केवल एक राजनीतिक अभिव्यक्ति नहीं है, यह चुनावों की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में नागरिकों के विश्वास का प्रतिबिंब है, यह नागरिकों केलिए अपनी आकांक्षाओं को व्यक्त करने का एक माध्यम भी है। उन्होंने कहाकि बिना किसी भेदभाव के सभी वयस्क नागरिकों को मिला मतदान का अधिकार, राजनीतिक और सामाजिक न्याय और समानता के संवैधानिक आदर्शों को मूर्तरूप देता है। उन्होंने कहाकि संविधान में निहित एक व्यक्ति एक वोट प्रणाली हमारे संविधान निर्माताओं के आम जनता की बुद्धिमत्ता में दृढ़ विश्वास का परिणाम थी, मतदाताओं ने उनके विश्वास को सही साबित किया और भारतीय लोकतंत्र ने विश्वमंच पर असाधारण उदाहरण के रूपमें सम्मान अर्जित किया है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहाकि मतदान का अधिकार अहम है, लेकिन यहभी उतना ही ज़रूरी हैकि सभी वयस्क नागरिक अपने संवैधानिक कर्तव्यों को ध्यान में रखते हुए अपने मताधिकार का प्रयोग करें। उन्होंने भरोसा जतायाकि सभी मतदाता प्रलोभन, अज्ञानता, गलत सूचना, दुष्प्रचार और पूर्वाग्रह से मुक्त होकर अपनी अंतरात्मा की शक्ति से देश की चुनावी प्रणाली को मजबूत करेंगे। राष्ट्रपति ने देशभर के युवा मतदाताओं को बधाई दी, जिन्हें उनके मतदाता पहचान पत्र मिल चुके हैं और कहाकि यह कार्ड उन्हें दुनिया के सबसे बड़े और सबसे जीवंत लोकतंत्र में सक्रिय रूपसे भाग लेने का अमूल्य अधिकार प्रदान करता है। राष्ट्रपति ने महिला मतदाताओं को विशेष रूपसे बधाई दी और कहाकि विभिन्न चुनावों में भारी संख्या में मतदान करके वे भारतीय गणतंत्र को और अधिक शक्तिशाली बना रही हैं। गौरतलब हैकि वर्ष 2011 से भारत निर्वाचन आयोग के स्थापना दिवस पर हर साल 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है, इसका मकसद मतदाता की अहमियत पर फोकस करना, नागरिकों में चुनावों को लेकर जागरुकता बढ़ाना और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी सक्रिय भागीदारी को प्रेरित करना है।

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