सिनेमा इंडिया 18 मोशन पिक्चर्स के बैनर तले बन रही पहली फिल्म जैकपौट पे जैकपौट बड़े पर्दे पर रिलीज़ के लिए तैयार है। इसका र्निदेशन दिल्ली रंगमंच के प्रसिद्ध कलाकार दीपक ओचाने ने किया है। दीपक ओचाने थियेटर और मीड़िया के क्षेत्र में 25 से अधिक वर्षों से सक्रिय हैं। उन्होंने बतौर अभिनेता कई जाने-माने निर्देशक जैसे-सतीश कौशिक,...
केंद्रीय सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री मनीष तिवारी ने कहा है कि सरकार भारत में अंतरराष्ट्रीय फिल्मों के फिल्मांकन को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास करेगी। अंतरराष्ट्रीय और घरेलू फिल्म निर्माताओं की सुविधा के लिए तंत्र विकसित करने के लिए मंत्रालय ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। भारत में फिल्म निर्माण के संवर्धन और...
सत्यम् शिवम् सुंदरम् और रोटी कपड़ा और मकान, हरे रामा हरे कृष्णाजैसी हिंदी फिल्मों में शानदार अभिनय करने वाली हिंदी सिनेमा जगत की शानदार ग्लैमरस अदाकारा जीनत अमान, अपने निजी जीवन में एक धमाका करते हुए अपने से 25 साल छोटे युवक से शादी करके फिल्मी दुनिया की बड़ी चर्चाओं में आ गई हैं...
फिल्मों की सफलता के लिए न सिर्फ ख्वाजा की दरगाह पर, बल्कि किसी अन्य मजहब के धर्म स्थल पर भी, इस तरह मन्नतें नहीं मागनी चाहिएं, क्योंकि किसी भी धर्म में नाजायज करार दिए गए कार्यों के लिए इस तरह की इजाजत नहीं है। देश के प्रमुख उलेमाओं, दारूलउफ्ता और मुफ्तियों को इस मसले पर शरीअत के मुताबिक खुलकर अपनी राय का इजहार करना चाहिए,...
राजनेताओं, उद्योगपतियों धर्माचार्यों और फिल्मी दुनिया की हस्तियों को अपनी मायावी साधना के चुंबकीय चमत्कारों से चकरघिन्नी बना देने वाले नेमीचंद जैन यानी तांत्रिक गुरू चंद्रास्वामी को अगर किसी ने भाव नहीं दिए थे तो वे राजीव गांधी थे। एक समय, देश-दुनिया के बड़े-बड़े 'राजयोगियों' पर चंद्रास्वामी ने इतना प्रभावशाली सम्मोहन...
सास गारी देवे, देवर जी समझा लेवे, ससुराल गेंदा फूल.... में रायपुर का भी जिक्र आता है। इस गाने के बोल छत्तीसगढ़ी भाषा में हैं, जिसे पहली बार रायपुर की ही प्रसिद्ध जोशी बहनों ने गाया है। हालांकि अब जोशी बहनों को दुख है कि इस गीत को फिल्मकार ने छत्तीसगढ़ को क्रेडिट नहीं दिया है। अगर ऐसा होता तो और अच्छा होता, मगर उन्हें इसका ज्यादा...
किशोर दा! क्या आप सुन रहे हैं कि आज दुनिया आपके सदाबहार गीतों को कितनी शौक से गा रही है और गुनगुना रही है। आज का दिन हम सबके लिए इसलिए भावनात्मक और यादगार है क्योंकि इस दिन आपने हमसे अचानक कहा अच्छा तो हम चलते हैं। क्या आपने ये गाना आज के लिए ही गाया था? आपको हरेक रूप में और हर रंग में ढूंढ लिया जाता है। कौन कहता...
मनोरंजन चैनल को ऑन करते ही कुछ नवोदित गवैये कुछ अंजाने निर्णायकों के सामने गानों की शक्ल में चिल्लाते और उछलते कूदते असंगत पौशाकों में नजर आएंगे। इससे यह पता चलना कोई आसान काम नहीं है कि यह प्रतियोगिता गाने की है या उछल कूदने की। किसी ऐसी सुर प्रतियोगिता के जरिए प्रतिभा का आंकलन नहीं किया जा सकता।...

मध्य प्रदेश
















