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'पूर्वी नागालैंड के विकास की राह अब आसान'

गृहमंत्री और नागालैंड के मुख्यमंत्री ने पूर्वी नागालैंड के मुद्दे सुलझाए

केंद्र सरकार नागालैंड सरकार व ईस्टर्न नागालैंड में ऐतिहासिक समझौता

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Friday 6 February 2026 02:04:40 PM

the home minister and cm of nagaland have resolved the issues concerning eastern nagaland

नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी सरकार, नागालैंड सरकार और ईस्टर्न नागालैंड पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन (इएनपीओ) के प्रतिनिधियों ने शांतिपूर्ण और समृद्ध पूर्वोत्तर के विजन को साकार करने की ओर एक महत्वपूर्ण कदम के तौरपर ऐतिहासिक समझौता किया है। गौरतलब हैकि इएनपीओ नागालैंड के छह पूर्वी जिलों के आठ मान्यता प्राप्त नागा जनजातियों का प्रतिनिधित्व करने वाला शीर्ष संगठन है। गृहमंत्री अमित शाह और नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफिउ रियो ने पूर्वी नागालैंड के दशकों से चले आ रहे विवादित मुद्दों को सुलझा लिया है, उनकी उपस्थिति में दिल्ली में समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। इससे नागालैंड के छह जिलों-तुएनसांग, मोन, किफिरे, लॉन्गलेंग, नोकलाक और शमाटोर केलिए फ्रंटियर नागालैंड टेरिटोरियल अथॉरिटी के गठन का मार्ग प्रशस्त होगा और एफएनटीए को 46 विषयों के संबंध में शक्तियों का हस्तांतरण किया जाएगा।
गृहमंत्री अमित शाह ने इस अवसर पर कहाकि यह दिन विवादमुक्त उत्तर पूर्व केलिए बहुत बड़ा दिन है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उग्रवादमुक्त, हिंसामुक्त, विवादमुक्त और विकसित नॉर्थ पूर्व की जो कल्पना की है, उस ओर हम एक कदम और आगे बढ़ गए हैं। उन्होंने जिक्र कियाकि 11 साल पहले पूर्वोत्तर में कई हथियारबंद ग्रुप्स, विवाद उत्तर पूर्व की शांति को बिखराव की दिशा में ले जाते थे और कई अंतर राज्य विवाद राज्यों की शांति को भंग करते थे। गृहमंत्री ने कहाकि मोदी सरकार हर विवाद का समाधान खोजने केलिए कटिबद्ध है, वर्ष 2019 से अबतक मोदी सरकार में नॉर्थ ईस्ट में 12 महत्वपूर्ण समझौते किए जा चुके हैं। उन्होंने कहाकि पिछली सरकारें केवल समझौते करती थीं, लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार की परंपरा हैकि हम जो समझौते करते हैं, उन्हें अक्षरशः और भावनात्मक रूपसे पूर्णतः लागू भी करते हैं। गृहमंत्री ने इएनपीओ के प्रतिनिधियों को यह विश्वास दिलायाकि केंद्र सरकार पूर्वी नागालैंड के विकास में सहायता करेगी और इसकी जिम्मेदारी उठाएगी। अमित शाह ने कहाकि प्रत्येक वर्ष एक निश्चित धनराशि निर्धारित की जाएगी और गृह मंत्रालय प्रारंभिक व्यय वहन करेगा। अमित शाह ने इएनपीओ के प्रतिनिधियों को विश्वास दिलायाकि इएनपीओ भरोसा रखे और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हिस्सा ले, उन्हें उचित न्याय और सम्मान जरूर मिलेगा।
गृहमंत्री ने कहाकि उन्हें बहुत हर्ष हैकि गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने इएनपीओ और नागालैंड सरकार केबीच एक ब्रिज के रूपमें इस विवाद को हलकर दिया है। गृहमंत्री ने कहाकि हमसब इएनपीओ क्षेत्र और इसके कूटनीतिक महत्व को बहुत अच्छी तरह जानते हैं, नागालैंड की रचना केबाद ईस्टर्न नागालैंड के नागरिकों के मन में लगातार यह भाव थाकि उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है। अमित शाह ने कहाकि उन्होंने नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफिउ रियो से बात की थी और कहा थाकि वे इएनपीओ की सारी मांगों को सुनेंगे, चर्चा करेंगे और स्वीकार भी करेंगे। गृहमंत्री ने मुख्यमंत्री नेफिउ रियो का धन्यवाद करते हुए कहाकि नागालैंड सरकार, मंत्रिमंडल के साथियों और राज्य के दोनों सांसदों ने इस नेगोशिएशन को लॉजिकल अंततक पहुंचाया है। अमित शाह ने ईस्टर्न नागालैंड के लोगों, इएनपीओ के संघर्षरत संगठनों, नागालैंड के मुख्यमंत्री, कैबिनेट और सांसदों को बधाई दी। अमित शाह ने कहाकि अब ईस्टर्न नागालैंड के विकास में कोई रोड़ा नहीं रहेगा, केंद्र सरकार और नागालैंड सरकार दोनों मिलकर ईस्टर्न नागालैंड के विकास को आगे बढ़ाएंगे।
अमित शाह ने कहाकि यह समझौता एफएनटीए केलिए एक मिनी सचिवालय के गठन का प्रावधान करता है, जिसका नेतृत्व अतिरिक्त मुख्य सचिव या प्रधान सचिव करेंगे एवं पूर्वी नागालैंड क्षेत्र केलिए विकास व्यय का आबादी और क्षेत्रफल के अनुपात में बंटवारा किया जाएगा। उन्होंने कहाकि हालांकि यह समझौता भारत के संविधान के अनुच्छेद 371(A) के प्रावधानों को किसीभी प्रकार से प्रभावित नहीं करता है। गृहमंत्री ने कहाकि यह अनूठी व्यवस्था पूर्वी नागालैंड के समग्र विकास की कल्पना करती है, जिसमें वित्तीय स्वायत्तता, बेहतर निर्णय प्रक्रिया, बुनियादी ढांचे का तेज विकास, आर्थिक सशक्तिकरण और संसाधनों का अधिकतम उपयोग शामिल है। उन्होंने कहाकि यह समझौता पूर्वोत्तर के लोगों की वास्तविक आकांक्षाओं को पूरा करने केलिए सभी विवादास्पद मुद्दों को संवाद से हल करने की मोदी सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह लोकतंत्र के मूल सिद्धांत को भी सिद्ध करता हैकि समाधान केवल आपसी सम्मान और संवाद से ही प्राप्त किए जा सकते हैं, न कि हिंसा और सशस्त्र संघर्ष से। इस मौके पर नागालैंड के उपमुख्यमंत्री यांथुंगो पैटन, मंत्रिमंडल के सहयोगी, गृह मंत्रालय और नागालैंड सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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