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'पर्यटन सॉफ्ट कूटनीति का एक शक्तिशाली साधन'

उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने किया भारत की दूरदर्शी पहलों का उल्लेख

दिल्ली में यूएस-इंडिया पार्टनरशिप में पर्यटन नेतृत्व शिखर सम्मेलन

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Wednesday 25 February 2026 12:31:24 PM

tourism leadership summit at the us-india partnership in delhi

नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने संकला फाउंडेशन के सहयोग से यूएस-इंडिया पार्टनरशिप फोरम के नई दिल्ली में आयोजित पर्यटन नेतृत्व शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। उपराष्ट्रपति ने एक ऐसा मंच तैयार करने केलिए आयोजकों की सराहना की, जो न केवल पर्यटन की संभावनाओं का जश्न मनाता है, बल्कि यात्रा और आतिथ्य क्षेत्रमें भारत-अमेरिका आर्थिक गलियारे को मजबूत करने केलिए रणनीतिक रोडमैप भी तैयार करता है। सीपी राधाकृष्णन ने कहाकि पर्यटन मात्र एक उद्योग नहीं है, इसे संस्कृतियों केबीच एक सेतु, आर्थिक अवसरों का एक चालक और सॉफ्ट कूटनीति का एक शक्तिशाली साधन बताया। उन्होंने कहाकि भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका में पर्यटन लोगों केबीच गहरे संबंधों, साझा मूल्यों, उद्यमशीलता की भावना और भारतीय प्रवासी समुदाय की जीवंतता को दर्शाता है।
भारत की दूरदर्शी पहलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहाकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने पर्यटन विजन 2029 की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य प्रत्येक राज्य में सुदृढ़ अवसंरचना और वैश्विक आतिथ्य मानकों केसाथ कम से कम एक विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल का विकास करना है। उन्होंने स्पष्ट कियाकि ये दूरदर्शी पहलें सिर्फ सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि निर्बाध संपर्क, स्मार्ट सुविधाएं, सुरक्षा, सततता डिजिटल एकीकरण और समृद्ध आगंतुक अनुभवों सहित समग्र पर्यटन इकोसिस्टम पर केंद्रित हैं। भारत की सभ्यतागत विरासत, विविध भूदृश्यों और युवा जनसांख्यिकी लाभांश को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहाकि देश वैश्विक स्तरपर पर्यटन को पुनर्परिभाषित करने केलिए तैयार है। उन्होंने भारत की यूनेस्को विश्वधरोहर स्थलों के सरंक्षण और विश्वस्तरीय विकास पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया, जिसमें बेहतर आगंतुक सुविधाएं, व्याख्या केंद्र, अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी, सतत प्रथाएं और डिजिटल कहानी वाचन शामिल हों।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहाकि पर्यटन विकास पर्यावरणीय लक्ष्यों के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने जलवायु सचेत अवसंरचना, समुदाय आधारित पर्यटन मॉडल तथा प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण की वकालत की। उन्होंने अंतरिक्ष, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, नवीकरणीय ऊर्जा और उन्नत विनिर्माण के क्षेत्रमें भारत की उपलब्धियों को प्रदर्शित करने वाले युग के पर्यटन स्थलों के विकास के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने पर्यटन अनुभव को बेहतर बनाने केलिए एआई जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों के एकीकरण पर भी बल दिया। पर्यटन को रोज़गार सृजन के सबसे बड़े स्रोतों में से एक बताते हुए उपराष्ट्रपति ने समावेशी और समुदाय संचालित विकास सुनिश्चित करने केलिए प्रशिक्षण, उद्यमिता और महिला नेतृत्व वाले उद्यमों में अधिक निवेश करने का आह्वान किया। उपराष्ट्रपति ने आशा व्यक्त कीकि यह शिखर सम्मेलन सततता, नवाचार, समावेशिता और साझा समृद्धि पर आधारित भारत-अमेरिका सहयोग के नए अध्याय की शुरूआत करेगा।

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