डीआरडीओ सेना और उद्योग जगत विकास सह उत्पादन भागीदार
समुद्र से सतह तक हेलीकॉप्टर से त्वरित अंतराल में किया प्रहारस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Thursday 30 April 2026 02:22:47 PM
भुवनेश्वर। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और भारतीय नौसेना ने ओडिशा में बंगाल की खाड़ी के तट पर नौसेना के हेलीकॉप्टर प्लेटफॉर्म से नौसेना की लघु दूरी की जहाजरोधी मिसाइल (एनएएसएम-एसआर) का पहला साल्वो लॉंच सफलतापूर्वक किया। परीक्षण के दौरान समुद्र से सतह तक एकही हेलीकॉप्टर से दो मिसाइलें त्वरित अंतराल में दागी गईं, जिससे यह उन्नत वायु प्रक्षेपित जहाजरोधी मिसाइल प्रणाली का पहला साल्वो लॉंच बन गया। चांदीपुर के एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) में तैनात रडार इलेक्ट्रो ऑप्टिकल सिस्टम और टेलीमेट्री जैसे विभिन्न रेंज ट्रैकिंग उपकरणों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार सभी परीक्षण उद्देश्यों को पूरी तरह से हासिल किया गया।
वायु प्रक्षेपित जहाजरोधी मिसाइलों ने साल्वो लॉंच क्षमता केसाथ जलरेखा को भेदने की क्षमता भी प्रदर्शित की। परीक्षण के दौरान डीआरडीओ के वरिष्ठ वैज्ञानिक, भारतीय नौसेना एवं वायुसेना के उपयोगकर्ता प्रतिनिधि और विकास सह उत्पादन भागीदार उपस्थित थे। एनएएसएम-एसआर मिसाइल सॉलिड प्रोपल्शन बूस्टर और लॉन्ग बर्न सस्टेनर का उपयोग करती है। सीकर इंटीग्रेटेड एवियोनिक्स मॉड्यूल, फाइबर-ऑप्टिक जाइरोस्कोप आधारित इनर्टियल नेविगेशन सिस्टम एवं रेडियो अल्टीमीटर का उपयोग करके उन्नत नेविगेशन एवं मार्गदर्शन केसाथ उन्नत नियंत्रण एवं मार्गदर्शन एल्गोरिदम, उच्च-बैंडविड्थ टू-वे डेटा लिंक और जेट-वेन नियंत्रण जैसी सभी महत्वपूर्ण उप प्रणालियां डीआरडीओ और भारतीय उद्योगों की विभिन्न प्रयोगशालाओं में स्वदेशी रूपसे विकसित की गई हैं।
इमारत अनुसंधान केंद्र ने हैदराबाद डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट लेबोरेटरी, पुणे में हाई एनर्जी मैटेरियल्स रिसर्च लेबोरेटरी, चंडीगढ़ में टर्मिनल बैलिस्टिक्स रिसर्च लेबोरेटरी और चांदीपुर में आईटीआर जैसी डीआरडीओ की प्रयोगशालाओं के सहयोग से इस मिसाइल प्रणाली को विकसित किया है। वर्तमान में डीसीपीपी भारतीय उद्योगों और स्टार्टअप की सहायता से इन मिसाइलों का उत्पादन कर रहा है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने सफल पहले साल्वो लॉंच केलिए डीआरडीओ, भारतीय नौसेना, वायुसेना और उद्योग जगत, जिसमें डीसीपीपी के साझेदार भी शामिल हैं को बधाई दी है। उन्होंने कहाकि इन मिसाइलों के विकास से रक्षाबलों की क्षमताओं में काफी वृद्धि होगी। रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ समीर वी कामत ने भी सफल साल्वो लॉंच से जुड़ी टीमों को बधाई दी है।