परिवर्तन और भागीदारी की एक सुंदर यात्रा-ज्योतिरादित्य सिंधिया
इंडिया पोस्ट की शैक्षणिक संस्थानों में युवाकेंद्रित डाकघर की पहलस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Thursday 7 May 2026 01:05:48 PM
शिलांग/ नई दिल्ली। केंद्रीय संचार एवं उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य माधवराव सिंधिया ने पूर्वोत्तर पर्वतीय विश्वविद्यालय शिलांग में इंडिया पोस्ट के 100वें एन जेन डाकघर का नई दिल्ली से वर्चुअली उद्घाटन किया। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस अवसर पर कहाकि इंडिया पोस्ट, भारत के विकास पथ केसाथ एक युवा व प्रगतिशील राष्ट्र की आकांक्षाओं के अनुरूप विकसित हो रहा है और एन जेन पहल पारंपरिक डाक स्थानों को जीवंत, युवाकेंद्रित और डिजिटल रूपसे सक्षम सेवा केंद्रों में बदलने के व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाती है। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहाकि जो अभियान मात्र 6 महीने पहले दिल्ली में आईआईअी हौज खास डाकघर के नवीनीकरण से शुरू हुआ था, वह अब 100वें एन जेन डाकघर केसाथ एक प्रमुख पड़ाव तक पहुंच गया है। उन्होंने इसे 'परिवर्तन और भागीदारी की एक सुंदर यात्रा' के रूपमें वर्णित किया। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहाकि यह परियोजना छात्रों द्वारा, छात्रों केलिए और छात्रों की भावना को साकार करती है, जिसमें डिजाइन, कलाकृति और जनसंपर्क में छात्रों की सक्रिय भागीदारी शामिल है।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उल्लेख कियाकि यह पूर्णतः महिलाओं से संचालित डाकघर है, जो 'मातृशक्ति' के सामर्थ्य को दर्शाता है और विकसित भारत के विजन में महिलाओं की भूमिका को सुदृढ़ करता है। यह डाकघर बांस और पुआल जैसी स्थानीय रूपसे प्राप्त स्वदेशी सामग्रियों का उपयोग करते हुए एक खूबसूरती से तैयार किया गया स्थान है, जो पर्यावरण के अनुकूल होने केसाथ मेघालय के सांस्कृतिक लोकाचार में रचा-बसा है। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और आधुनिकीकरण, डिजिटल समावेश तथा नागरिक केंद्रित गवर्नेंस पर उनके निरंतर ध्यान केलिए आभार व्यक्त किया, जिसके तहत इंडिया पोस्ट एक आधुनिक सेवा और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के रूपमें विकसित हो रहा है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि केसाथ डाक विभाग देशभर में एन जेन सुधारों के विस्तार की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराता है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सकेकि डाक सेवाएं सुलभ, प्रासंगिक और भारत के युवाओं की आकांक्षाओं के अनुरूप बनी रहें। एन जेन डाकघर को एक युवाकेंद्रित डाक केंद्र के रूपमें विकसित और विश्वविद्यालय परिसर के छात्रों, संकाय सदस्यों और निवासियों की सेवा केलिए डिजाइन किया गया है।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहाकि एन जेन ने अब पूरे देश को कवर कर लिया है, जिसके तहत आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी, केंद्रीय और राज्य विश्वविद्यालयों केसाथ उत्तर-पूर्व के शिक्षण संस्थानों में भी डाकघरों का कायाकल्प किया गया है। एनईएचयू में छात्रों ने डाकघर की कलाकृति और उसकी विज़ुअल पहचान में अपना योगदान दिया है, जिससे यह वास्तव में एक साझा प्रयास और सामूहिक पहचान वाला स्थान बन गया है। फोर्थ ईयर की छात्रा शायंतिका नंदी ने अपने सहपाठियों केसाथ डिजाइन टीम का हिस्सा बनने पर खुशी व्यक्त की है। उसने बतायाकि वे इस डाकघर को 'नेक्स्ट-जेनरेशन' थीम केसाथ नया रूप देने में सफल रहे, यह कॉन्सेप्ट शिलांग के जीवंत संगीत परिदृश्य के साथ गहरा मेल खाती है, जिसे अक्सर 'भारत की रॉक राजधानी' माना जाता है। उसने इस अनुभव को एक रोमांचक और सार्थक पहल बताया, जिससे जुड़ना उनके लिए गर्व की बात है। वहीं आर्किटेक्चर विभाग की फर्स्ट ईयर की छात्रा स्नेहा दास ने कहाकि इस नए बदलाव ने डाकघर को एक जीवंत और आकर्षक स्थान बना दिया है। उसने साझा कियाकि वह वहां अपने दोस्तों केसाथ खेल, संगीत और बिताए जा रहे समय का भरपूर आनंद लेती है।
एन जेन डाकघरों को शैक्षणिक संस्थानों में विशेषतौर पर स्थापित किया जा रहा है, ताकि छात्रों, संकाय सदस्यों को उनकी विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप सेवाएं प्रदान की जा सकें, एन जेन डाकघर डाक सेवाओं और आपस में एकदूसरे केसाथ अधिक गहन जुड़ाव को प्रोत्साहित करते हैं। एन जेन डाकघर मुफ्त वाईफाई, क्यूआर कोड आधारित बुकिंग और भुगतान प्रणाली, छात्रों केलिए समर्पित सेवा काउंटर और रियायती पार्सल एवं डाक सेवाओं जैसी आधुनिक सुविधाओं को एकीकृत करते हैं। एन जेन डाकघर पत्र लेखन की स्थायी पुरानी परंपरा को पुनर्जीवित करने और सामुदायिक भावना को बढ़ावा देने का भी कार्य करते हैं। इस पहल को छात्र व्यापक रूपसे अपना रहे हैं, उनकी सक्रिय भागीदारी ने न केवल इन केंद्रों को एक नया स्वरूप दिया है, बल्कि इसे नई पीढ़ी तक पहुंचने का एक सफल और प्रभावशाली माध्यम भी बना दिया है।