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हिंदू कालेज में मातृभाषा दिवस पर संगोष्ठी

'भारतीय संस्कृति की मातृभाषाओं का सम्मान सबसे आवश्यक'

मातृभाषाओं में अध्ययन और अध्यापन का संकल्प दोहराया गया

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Wednesday 25 February 2026 06:02:52 PM

seminar on mother language day at hindu college

नई दिल्ली। हिंदू कालेज दिल्ली में राष्ट्रीय सेवा योजना की अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर संगोष्ठी हुई। संगोष्ठी में वक्ताओं ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति में शामिल मातृभाषाओं में अध्ययन अध्यापन का संकल्प दोहराया और कहाकि भारतीय संस्कृति को समझने केलिए मातृभाषाओं का सम्मान सबसे आवश्यक है। संगोष्ठी की मुख्यवक्ता कालेज के दर्शनशास्त्र की सहआचार्य डॉ अनन्या बरुआ ने कहाकि मातृभाषा में पढ़ना और सीखना अधिक बोधगम्य है, जो हमारी क्षमताओं को और अधिक बढ़ाएगा। उन्होंने कहाकि साहित्य केसाथ विज्ञान और सामाजिकी में भी मातृभाषाओं के अधिकाधिक व्यवहार की जरूरत है। डॉ अनन्या बरुआ ने भारत के उत्तर पूर्वी राज्यों में बोली जाने वाली अनेक भाषाओं का परिचय दिया। उन्होंने बतायाकि अकेले मणिपुर में ही अनेक आदिवासी भाषाएं हैं, जिनमें देशज ज्ञान का भंडार है। डॉ अनन्या बरुआ ने मातृभाषा असमिया में कुछ पदों का गायन किया।
संस्कृत के शिक्षक डॉ पूरणमल वर्मा ने संगोष्ठी में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों को मातृभाषा में कार्य करने केलिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहाकि मातृभाषाओं का सम्मान हम सबका सामूहिक कर्तव्य है। डॉ पूरणमल वर्मा ने राजस्थान की एक लोककथा से भारतीय संस्कृति में अंतर्निहित नैतिक मूल्यों की चर्चा भी की। संगोष्ठी में डॉ देवांशी मग्गू ने कहाकि घर में बोली जानेवाली भाषा वृहद ज्ञान, कौशल और अभिव्यक्ति का माध्यम बन सके, इसके लिए उच्चशिक्षा से जुड़े शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों को आगे आना होगा। इससे पहले राष्ट्रीय सेवा योजना के अध्यक्ष निशांत सिंह ने प्राचार्य प्रोफेसर अंजू श्रीवास्तव का मातृभाषा पर संदेश वाचन किया, जिसमें बताया गयाकि हिंदू कालेज में ही देशभर में बोली जानेवाली अनेक भाषाओं के विद्यार्थी हैं, जो मिलकर मातृभाषा के हमारे सभी संकल्पों को पूरा कर सकते हैं।
राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ पल्लव ने इस अवसर पर बतायाकि महाविद्यालय की इकाई ने देश की अनेक भाषाओं को बोलने जानने वाले विद्यार्थियों को आपस में मातृभाषाएं सीखने और अधिकाधिक व्यवहार केलिए प्रोत्साहित करने वाली गतिविधियों का आयोजन किया है। हिंदी विभाग प्रभारी प्रोफेसर बिमलेंदु तीर्थंकर, डॉ नीलम सिंह और शिक्षकों ने भी संगोष्ठी में विचार व्यक्त किए। राष्ट्रीय सेवा योजना उपाध्यक्ष नेहा यादव ने फूलों के गुलदस्तों से अतिथियों का स्वागत किया। राष्ट्रीय सेवा योजना के अध्यक्ष निशांत सिंह ने आभार व्यक्त किया। हिंदू महाविद्यालय दिल्ली में राष्ट्रीय सेवा योजना की जन संपर्क प्रमुख अर्चिता द्विवेदी ने बतायाकि महाविद्यालय में ऐसे कार्यक्रम काफी लोकप्रिय हो रहे हैं, जिनमें अच्छीखासी भागीदारी होती है।

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