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'स्वस्थ शिक्षित ऊर्जावान बच्चे राष्ट्र के निर्माता'

बच्चों को पौष्टिक भोजन गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अत्यंत जरूरी-राष्ट्रपति

अक्षय पात्र फाउंडेशन का बच्चों को पौष्टिक भोजन वितरण कार्यक्रम

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Tuesday 17 March 2026 03:43:15 PM

akshaya patra foundation's food distribution program for children

नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज अक्षय पात्र फाउंडेशन के पांच बिलियन भोजन वितरण लक्ष्य प्राप्त करने पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में बच्चों को भोजन परोसा। राष्ट्रपति ने इस अवसर पर कहाकि शैक्षिक उद्देश्यों को बढ़ावा देने केलिए पांच बिलियन भोजन परोसना अक्षय पात्र फाउंडेशन की एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। राष्ट्रपति ने कहाकि इस कार्यक्रम की थीम-'सुपोषित और शिक्षित भारत से विकसित भारत की ओर', वर्ष 2047 तक 'विकसित भारत' के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने में सुपोषित और शिक्षित समाज के महत्व को रेखांकित करती है। राष्ट्रपति ने कहाकि बच्चों का एक सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य केवल सरकार का उत्तरदायित्व नहीं है, बल्कि हम सबकी साझा जिम्मेदारी है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहाकि जब शिक्षक, माता-पिता, सामाजिक संगठन, कॉर्पोरेट जगत और सामाजिक वर्ग मिलकर ऐसे कारगर कार्य करते हैं, तभी हम आनेवाली पीढ़ी केलिए एक मजबूत नींव रख सकते हैं। द्रौपदी मुर्मु ने कहाकि हमें यह सुनिश्चित करना हैकि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पौष्टिक भोजन, अच्छा स्वास्थ्य और स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण मिले, ये मूलभूत तत्व उनके सर्वांगीण विकास को संभव बनाते हैं। राष्ट्रपति ने कहाकि शिक्षा वह साधन है, जो किसी व्यक्ति के जीवन में उपलब्ध अवसरों को निर्धारित करती है और उसकी सफलता का मार्ग प्रशस्त करती है। उन्होंने कहाकि यह परिवर्तन और सशक्तिकरण का एक प्रभावी माध्यम है एवं सशक्तिकरण एवं क्षमता निर्माण की प्रक्रिया बच्चों के स्कूल जाना आरम्भ करने के क्षण से ही आकार लेना शुरू कर देती है। द्रौपदी मुर्मु ने कहाकि स्कूल बच्चों को दैनिक जीवन की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने और जिम्मेदार, कर्तव्यनिष्ठ नागरिक बनने केलिए आवश्यक कौशल और अनुभव प्रदान करता है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अक्षय पात्र फाउंडेशन की सराहना की, जो 25 वर्ष से स्कूलों में मध्याह्न भोजन पहुंचाकर बच्चों में कुपोषण की समस्या का समाधानकर उन्हें शिक्षा प्राप्त करने केलिए प्रोत्साहित करने हेतु निरंतर प्रयासरत है। राष्ट्रपति ने उल्लेख कियाकि भारत सरकार ने गर्भवती माताओं और बच्चों को पर्याप्त पोषण एवं बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से अनेक महत्वपूर्ण पहले की हुई हैं। उन्होंने कहाकि प्रधानमंत्री पोषण योजना के अंतर्गत कार्यांवित विद्यालय दोपहर के भोजन कार्यक्रम से अभिभावकों को अपने बच्चों को विद्यालय भेजने केलिए महत्वपूर्ण प्रोत्साहन मिला है। द्रौपदी मुर्मु ने कहाकि अनेक अध्ययनों से यह सिद्ध होता हैकि अक्षय पात्र फाउंडेशन के भोजन वितरण कार्यक्रम के परिणामस्वरूप बच्चों के विद्यालय में नामांकन, उपस्थिति और स्कूल में बने रहने की दर में वृद्धि हुई है, साथही उनकी सीखने की क्षमता और शैक्षणिक प्रदर्शन में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने प्रसन्नता व्यक्त कीकि अक्षय पात्र फाउंडेशन 'समग्र शिक्षा अभियान' के उद्देश्यों को पूरा करने में अनुकरणीय भूमिका निभा रहा है, जिसका लक्ष्य वर्ष 2030 तक सभी बच्चों केलिए गुणवत्तापूर्ण और समावेशी शिक्षा सुनिश्चित करना है। राष्ट्रपति ने कहाकि बच्चे केवल नि:शुल्क भोजन कार्यक्रम के लाभार्थी नहीं हैं, वे राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के निर्माता हैं, आज उन्हें जो पौष्टिक भोजन मिल रहा है, वह हमारे राष्ट्र की मानव पूंजी में निवेश है। उन्होंने कहाकि स्वस्थ, शिक्षित और ऊर्जावान बच्चे भारत के कार्यबल का निर्माण करेंगे और वर्ष 2047 तक 'विकसित भारत' लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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