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'आईआईसीटी रचनात्मक प्रतिभाओं की प्रयोगशाला'

आईबी सचिव ने की आईआईसीटी की योजनाओं व पहलों की समीक्षा

आईआईसीटी ने सूचना प्रसारण क्षेत्र में स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित किया

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Thursday 19 March 2026 02:44:24 PM

'iict: a laboratory for creative talents'

मुंबई। सूचना और प्रसारण मंत्रालय में सचिव संजय जाजू ने राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम परिसर मुंबई में भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईसीटी) की विकास यात्रा, कंटेंट क्रिएटर योजनाओं और पहलों की समीक्षा की। संजय जाजू ने कहाकि आईआईसीटी रचनात्मक प्रतिभाओं की प्रयोगशाला है। उन्होंने संस्थान की नेतृत्व टीम केसाथ रणनीतिक रूपरेखा पर चर्चा की, जिसका मुख्य केंद्र आईआईसीटी के शैक्षणिक कार्यक्रमों, बुनियादी ढांचे को रचनात्मक और डिजिटल अर्थव्यवस्था की बढ़ती मांगों के अनुरूप विकसित करना था। उन्होंने उद्योग अकादमिक सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से जारी पहलों को भी जाना। संजय जाजू ने इस अवसर पर कहाकि बुनियादी ढांचा तैयार है, लगभग 150 विद्यार्थियों ने आईआईसीटी में अपने अध्ययन कार्यक्रम शुरू कर दिए हैं। उन्होंने कहाकि हमारा लक्ष्य जुलाई तक 400 विद्यार्थियों को शामिल करना है, साथही 20 स्टार्टअप भौतिक रूपसे और कई अन्य वर्चुअल रूपसे स्थापित करना है।
आईबी सचिव संजय जाजू ने कहाकि आईआईसीटी उत्पादन और पोस्ट प्रोडक्शन कार्य केलिए उच्च गुणवत्ता वाला बुनियादी ढांचा प्रदान करता है। उन्होंने बतायाकि वर्तमान में आईआईसीटी में 11 स्टार्टअप को इनक्यूबेट किया जा रहा है, शीघ्रही फिल्म सिटी गोरेगांव में एक बड़ा परिसर विकसित किया जाएगा, जहां 2028 में कक्षाएं शुरू होने की संभावना है। आईबी सचिव ने केंद्रीय बजट में घोषित विजुअल गेमिंग, वीएफएक्स और कंटेंट क्रिएशन प्रयोगशाला के संबंध में उद्योग जगत के लोगों से भी बातचीत की। संजय जाजू ने कहाकि पिछले वर्ष वेव्स शिखर सम्मेलन में ऑरेंज इकोनॉमी पहल के अंतर्गत 20 लाख लोगों को कंटेंट क्रिएशन और रचनात्मक क्षेत्रोंसे जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। संजय जाजू ने देशभर के 15000 माध्यमिक विद्यालयों और 500 महाविद्यालयों में कंटेंट क्रिएटर्स प्रयोगशाला स्थापित करने के प्रस्ताव पर भी विमर्श किया। इसका उद्देश्य डिजिटल रचनात्मकता को प्रोत्साहन देना, मीडिया साक्षरता को बढ़ाना और विद्यार्थियों को रचनाकार अर्थव्यवस्था में उभरते अवसरों के अनुरूप कंटेंट निर्माण कौशल प्रदान करना है। संजय जाजू ने आईआईसीटी के अत्याधुनिक केंद्रों का दौरा किया, जिनमें प्रशिक्षण कार्यक्रम, उत्पादन अवसंरचना और नवाचार केंद्र प्रमुख हैं।
उन्होंने बोर्ड के सदस्यों से बातचीत की और भारत के रचनात्मक प्रतिभा इकोसिस्टम को पोषित करने में आईआईसीटी की उल्लेखनीय भूमिका पर प्रकाश डाला। आईआईसीटी वर्तमान में एनिमेशन, गेमिंग, पोस्ट प्रोडक्शन और एक्सटेंडेड रियलिटी के क्षेत्रमें 18 विशिष्ट पाठ्यक्रम प्रदान करता है, इनमें गेमिंग में छह, पोस्ट प्रोडक्शन में चार और एनिमेशन, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी में आठ पाठ्यक्रम शामिल हैं। प्रमुख कार्यक्रमों में एनिमेशन फिल्म डिजाइन, इंटरएक्टिव वीडियो गेम डिजाइन और विकास तथा पोस्ट प्रोडक्शन, विजुअल इफेक्ट्स की कला और विज्ञान में 24 महीने के स्नातक डिप्लोमा पाठ्यक्रम हैं। आईआईसीटी 3डी कैरेक्टर डिजाइन, विजुअल इफेक्ट्स, सिनेमैटिक वर्चुअल रियलिटी फिल्म निर्माण, ई-स्पोर्ट्स प्रबंधन और फिल्म निर्माण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में तीन से छह महीने के अल्पकालिक डिप्लोमा और प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम भी प्रदान करता है। संजय जाजू का आईआईसीटी का यह दौरा भारत के तेजीसे बढ़ते मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र को समर्थन देने केलिए डिजिटल रचनात्मकता को बढ़ावा देने और संस्थागत ढांचों को मजबूत करने पर सूचना और प्रसारण मंत्रालय के निरंतर प्रयासों को रेखांकित करता है। सूचना और प्रसारण सचिव ने राष्ट्रीय भारतीय सिनेमा संग्रहालय का अवलोकन किया।

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