उत्तराखंड के गर्वनर और मुख्यमंत्री ने स्वगणना कर शुरू की जनगणना
नागरिक जनगणना कार्य में सहयोग करें और स्वगणना का लाभ उठाएं!स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Saturday 11 April 2026 12:41:23 PM
देहरादून। उत्तराखंड में ‘जनगणना 2027’ का प्रथम चरण शुरू हो चुका है। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने इस अवसर पर डिजिटल माध्यम से अपनी जानकारी दर्जकर स्वगणना प्रक्रिया की शुरुआत की। इसीके साथ प्रदेश में ‘मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना’ का कार्य प्रारंभ हो गया है। डिजिटल इंडिया के अंतर्गत पहलीबार नागरिकों को यह सुविधा प्रदान की गई हैकि वे जनगणना अधिकारी के घर आनेसे पूर्व स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल (se.census.gov.in) पर दर्ज कर सकते हैं। यह स्वगणना सुविधा 10 अप्रैल से 24 अप्रैल 2026 तक उपलब्ध रहेगी। इसके पश्चात 25 अप्रैल से 24 मई 2026 तक गणनाकर्मी घर-घर जाकर डेटा संकलन करेंगे।
राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहाकि जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि राज्य के विकास की आधारशिला है। उन्होंने नागरिकों से अपील कीकि वे स्वगणना से इस महत्वपूर्ण अभियान में सक्रिय सहभागिता करें, जिससे डेटा की सटीकता और विश्वसनीयता सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहाकि जनगणना से प्राप्त सटीक आंकड़े राज्य सरकार को बेहतर नीतियां बनाने और अंतिम छोर तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में सहायक होंगे। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान कियाकि वे जनगणना शुभंकर ‘प्रगति’ और ‘विकास’ केसाथ जुड़कर इस अभियान को सफल बनाएं। कैबिनेट मंत्री जनगणना उत्तराखंड शासन ने भी प्रदेश की जनता से इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य में बढ़-चढ़कर भागीदारी करने की अपील की। प्रथम चरण में नागरिकों को मकानों की स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं जैसे बिजली, पानी, शौचालय आदि तथा संपत्तियों से संबंधित 33 प्रश्नों के उत्तर देने होंगे।
स्वगणना करने वाले नागरिकों को एक विशेष SE ID प्राप्त होगी, जिसे गणनाकर्मी के आगमन पर साझा करना अनिवार्य होगा। इस कार्य केलिए प्रदेशभर में लगभग 30000 प्रगणक एवं पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं। उत्तराखंड शासन ने सभी नागरिकों से अनुरोध किया हैकि वे जनगणना कार्य में लगे अधिकारियों का पूर्ण सहयोग करें तथा स्वगणना सुविधा का अधिकतम उपयोग करते हुए राज्य के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। इस अवसर पर भारत सरकार, गृह मंत्रालय की जनगणना निदेशक इवा आशीष श्रीवास्तव, उत्तराखंड शासन से जनगणना सचिव दीपक कुमार, संयुक्त निदेशक एसएस नेगी, उपनिदेशक प्रवीण कुमार, तान्या सेठ, आरके बनवारी, देवाशीष और विरष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।