नीदरलैंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्साहपूर्ण और रंगारंग स्वागत!
'भारतीय प्रवासी: भारत नीदरलैंड्स केबीच रिश्तों की असली ताकत'स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Saturday 16 May 2026 05:22:41 PM
हेग/ नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आज नीदरलैंड आगमन पर नीदरलैंड में रहनेवाले भारतीय प्रवासी और भारत के मित्रों की हेग में एक विशाल सभा में उनका उत्साहपूर्ण और रंगारंग कार्यक्रमों केसाथ गर्मजोशी से स्वागत किया गया। प्रधानमंत्री ने जन समुदाय को आभार व्यक्त करते हुए कहाकि वैसे तो द हेग को दुनिया ‘शांति और न्याय का शहर’ के रूपमें जानती है, लेकिन आज यहां जो माहौल है, उसे देखकर लग रहा हैकि ‘द हेग भारतीय मित्रता का जीता जागता प्रतीक’ बन गया है। उन्होंने कहाकि मानवता का इतिहास साक्षी हैकि समय केसाथ अनेक संस्कृतियां मिट गईं, लेकिन भारत का डायवर्स कल्चर आजभी अपने लोगों के दिलों में धड़कता है, पीढ़ियां बदल गईं, देश बदल गए, परिवेश बदल गए, परिवार के संस्कार नहीं बदले, अपनापन नहीं बदला, भारतीय प्रवासियों ने डच भाषा को अपनाया, लेकिन अपने पुरखों की भाषा को भी नहीं छोड़ा। प्रधानमंत्री ने कहाकि भारत नीदरलैंड्स के रिश्तों की असली ताकत भारतीय प्रवासी हैं, वे इस पार्टनरशिप के जीवंत सेतु हैं, इसलिए भारत सरकार ने सूरीनामी हिंदुस्तानी समाज केलिए ओसीआई कार्ड की पात्रता चौथी पीढ़ी से बढ़ाकर छठी पीढ़ी तक कर दी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सूरीनामी-हिंदुस्तानी समुदाय के भारत केसाथ गहरे और स्थायी ऐतिहासिक संबंधों को याद किया और पीढ़ियों से उनकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और बढ़ावा देने के उनके प्रयासों की सराहना की। गौरतलब हैकि नीदरलैंड मुख्य भूमि यूरोप में भारतीय मूल के लोगों की सबसे बड़ी आबादी का घर है, जिसमें सूरीनामी-हिंदुस्तानी समुदाय के लगभग 200,000 सदस्य शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने कहाकि प्रौद्योगिकी क्षेत्रमें बड़ी संख्या में भारतीय पेशेवर और डच विश्वविद्यालयों में भारतीय छात्रों की बढ़ती संख्या विशेष रूपसे नवाचार आधारित क्षेत्रोंमें दोनों देशों केबीच समकालीन साझेदारी को मजबूती प्रदान कर रही है। उन्होंने कहाकि नीदरलैंड्स ट्यूलिप की धरती है और यहां के खूबसूरत ट्यूलिप्स को देखने केलिए दुनियाभर के लोग आते हैं, भारत में भी दुनिया के सबसे बड़े ट्यूलिप गार्डंस में से एक हमारे जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में है। उन्होंने कहाकि जिस तरह नीदरलैंड्स को ट्यूलिप्स केलिए जाना जाता है, वैसेही भारत लोटस यानि कमल केलिए जाना जाता है, ट्यूलिप और कमल दोनों फूल हमें बताते हैंकि जड़ें चाहे पानी में हों या धरती पर अगर सही पोषण मिले तो सुंदरता भी मिलती है और स्ट्रेंथ भी आ जाती है, यही भारत और नीदरलैंड्स केबीच साझेदारी का भी आधार है।
नरेंद्र मोदी ने कहाकि भारत और नीदरलैंड्स की गहरी दोस्ती की एक और कड़ी है, जिसकी उतनी चर्चा नहीं होती और वो है स्पोर्ट्स, विशेष रूपसे क्रिकेट और हॉकी दोनों देशों केबीच घनिष्ठ जन-संबंधों में नई जान फूंक रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहाकि प्रौद्योगिकी और नवाचार प्रमुख फोकस क्षेत्रों के रूपमें उभर रहे हैं और नीदरलैंड केसाथ द्विपक्षीय सहयोग लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने दोनों देशों केबीच मजबूत और बढ़ते व्यापार एवं आर्थिक संबंधों पर कहाकि नीदरलैंड यूरोप में भारत के सबसे बड़े निर्यातकों में से एक है और इसके प्रमुख निवेश साझेदारों में से एक है। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहाकि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता दोनों पक्षों केलिए नए अवसर खोलेगा। प्रधानमंत्री ने 2047 तक विकसित भारत बनने के उद्देश्य से भारत में हो रही प्रगति का उल्लेख किया। उन्होंने बुनियादी ढांचे, विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा और डिजिटल प्रणालियों में व्यापक प्रगति से भारत में परिवर्तन के पैमाने और गति का उल्लेख किया। उन्होंने कहाकि भारत आत्मविश्वास से अपने भविष्य को आकार दे रहा है, साथही वैश्विक विकास और समृद्धि में योगदान दे रहा है। प्रधानमंत्री ने भारतीय समुदाय को आश्वासन दियाकि भारत सरकार विदेश में रहने वाले प्रत्येक भारतीय केसाथ मजबूती से खड़ी है और उनके कल्याण केलिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने उनका विकसित भारत यात्रा में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।