कहते हैं कि रिश्ते ऊपर से बनकर धरती पर आते हैं। 'हिना परवीन' उन खुशनसीब लड़कियों में से एक है, जिसने यतीमखाने में संरक्षण पाकर 26 अक्टूबर को अपने सुखद और वैवाहिक जीवन के सपने को पूरे होते देखा। अपनी संघर्षभरी आत्मकथा में उसने कभी नहीं सोचा होगा कि उसे और लड़कियों की तरह सम्मान और रीति-रिवाज़ के साथ डोली में बैठाकर रूख़सत...
उत्तर प्रदेश के खेल मंत्री अयोध्या प्रसाद पाल ने खेल को भी अपनी राजनीति का अखाड़ा बना दिया है। बदनाम गुटबाज़ जातिवादी और राज्य के खेल परिसरों में अराजकतत्वों को बढ़ावा देकर खेल के वातावरण को लंबे समय से दूषित करते आ रहे खेल विभाग के कुछ अधिकारियों के साथ वे ऐसी गतिविधियों में लिप्त हैं जिनसे खेल का कोई भी विकास नहीं हो...
यहां तो जातिगत राजनीति के हर कुएं में आरक्षण की भांग पड़ी हुई है। कांग्रेस सांसद सलमान खुर्शीद ने अगर मुसलमानों के लिए अलग से आरक्षण की मांग उठा दी है तो ईसाइयों को भी आरक्षण देने की मांग बुलंद होती रही है। जैन धर्म से जुड़े लोगों को भी आरक्षण देने की मांग उठ ही चुकी है। गुर्जरों को आरक्षण देने की मांग भी एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। सर्वोच्च न्यायालय की व्यवस्था पर विचार किया जाए तो...
उत्तर प्रदेश में तिकड़मों से शराब के व्यवसाय में एकाधिकार कायम करने वाले शराब के ठेकेदार पौंटी चढ्ढा चार साल से कोयले का भी जमकर कारोबार कर रहें है, लेकिन यह सारा काम इतनी सफाई से हो रहा है कि किसी को कानों कान खबर तक नहीं है। पौंटी चड्डा की मायावती सरकार में भी बल्ले-बल्ले है और वह इतनी घुसपैठ रखते हैं कि उनके दावे के सामने...
नत्थू-कढेरा और बंसी अपने छप्पर के नीचे बैठे हुए महंगाई से घुट-घुट कर मर रहे हैं। उनके घर में जिन जरूरी चीजों की जरूरत है वह उनकी पहुंच से बाहर चली गई है। इसका सबसे सही उत्तर डा. मनमोहन सिंह के पास है जो न केवल एक प्रख्यात अर्थशास्त्री हैं बल्कि देश के प्रधानमंत्री भी हैं। वह ही आम जनता को महंगाई से मोक्ष दिला सकते हैं।...
मुझे आश्चर्य होता है कि एक देश जो पूर्णतः पशुओं पर निर्भर है और जो यह सीख ले कि उनके साथ किस प्रकार कार्य करना है तो शाही ठाठ-बाट में रह सकता है, उसमें पशुओं के साथ व्यवहार करने के लिए लोगों को प्रशिक्षित करने हेतु कोई शैक्षणिक प्रणाली नहीं है।...
आस्था सिर्फ श्रद्धा और विश्वास पर आधारित है। बंगाल की खाड़ी में कितनी आध्यात्मिकता समाए है। इस जगह प्रकृति, मनुष्य एवं सभी वन्यजीव उन भगवान जगन्नाथ की शक्ति का सम्मान, एहसास और उनके अलौकिक रूप का दर्शन करते हैं, जिनकी महिमा का बखान मेरे शब्दों में संभव नहीं है। मेरी वहां बार-बार जाने की इच्छा के साथ आस्थाओं से भरी शुभकामनाएं...
आजादी से आज तक बहुत कुछ बदला लेकिन इतवारी वहीं के वहीं हैं। उनकी गरीबी से आज़ादी का नंबर अभी तक नहीं आया? स्वतंत्रता दिवस हो या गणतंत्र दिवस इनके समारोहों में सड़क किनारे खड़े होकर और पुलिसवालों के धकियाने पर भी इतवारी और उनके बच्चे ही खुशी में हाथ में झंडे लहराते हुए समारोह की शोभा बढ़ाते दिखाई देते हैं।...
विवादों और आलोचनाओं से घिरे इस प्रख्यात समाजवादी को करीब से जानने वाले कहा करते हैं कि मुलायम सिंह यादव ने हमेशा राजनीतिक और सामाजिक मंच पर अपनी जरूरत का एहसास कराया है उनके लिए चुनावी साल भारी राजनीतिक चुनौतियों के साथ सामने होगा क्योंकि उन्हें अपनी नीतियों के साथ राज्य की जनता के बीच जाना है।...
यह लिखना कोई इतिहास हो या किसी को नापसंद, लेकिन इस सच्चाई से इंकार नहीं किया जा सकता कि महारानी लक्ष्मीबाई, वीरांगना झलकारीबाई, ऊदा देवी, सावित्री बाई फुले, इंदिरा गांधी, मदर टेरेसा जैसी महान नारियां तीन-चार सदियों में एकाध बार पैदा होती हैं। इन्हीं में जनशक्ति और अद्भुत प्रचंड राजयोग लेकर मामूली से दलित परिवार में जन्मी...
गांधी और राम के बाद लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक मायावती के तीसरे नए शिकार हैं। एक ही आदेश में मायावती ने तिलक का नाम-ओ-निशान मटियामेट कर दिया और ब्रिटिश काल में भारत के स्वतंत्रता सेनानियों पर पुलिस बर्बरता करने के एवज में यूपी पुलिस के पहले डीजी की कुर्सी का ईनाम पाए बीएन लहरी का नाम आबाद कर दिया।...
केंद्र सरकार के वामदलों से रिश्तों में कड़वाहट के बाद सपा का एकाएक केंद्रीय राजनीति में महत्व बढ़ा है। उत्तर प्रदेश में सपा में राजनैतिक सेंधमारी की कोशिशों के बावजूद आज भी मुलायम सिंह यादव मुसलमानों की पहली पसंद बने हुए हैं।...
कल तक जिन्हें मनुवादी कहकर हांसिये पर धकेला जा रहा था, आज उनमें ‘कस्तूरी’ नजर आने लगी है, जिससे इनका ‘राजयोग’ फिर से चमक उठा है। बसपा अध्यक्ष मायावती के लिए, आखिर यही ब्राह्मण सत्ता के कारक बने हैं।...

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