स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय देहरादून के दीक्षांत में बोले नड्डा
मेधावी स्नातक छात्र-छात्राओं को बधाई दी और उपाधियां प्रदान की गईंस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Sunday 15 February 2026 12:43:29 PM
देहरादून। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने देहरादून में स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के 8वें दीक्षांत समारोह में मेधावी स्नातक छात्र-छात्राओं को उनकी शैक्षणिक सफलता पर बधाई दी और उनको उपाधियां प्रदान कीं। जेपी नड्डा ने दीक्षांत समारोह को विशेष और महत्वपूर्ण बताया, विशेष इसलिए क्योंकि यह वर्षों के समर्पण, दृढ़ता और परिश्रम का प्रतीक है और महत्वपूर्ण इसलिए क्योंकि यह पेशेवर जिम्मेदारी और सेवा के नए चरण की शुरुआत का प्रतीक है। उन्होंने स्नातकों से चिकित्सा पेशे के सर्वोच्च आदर्शों को बनाए रखने, निरंतर उत्कृष्टता केलिए प्रयास करने, अपने कौशल और ज्ञान को मानवता की सेवा में समर्पित करने का आग्रह किया। स्वास्थ्य मंत्री ने इन ग्यारह वर्ष में भारत के स्वास्थ्य क्षेत्रमें हुए अभूतपूर्व विकास के बारेमें बताते हुए कहाकि एम्स की संख्या 6 से बढ़कर 23 हो गई है, जिससे देशभर में उन्नत तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन और संयुक्तराष्ट्र एजेंसियों के अनुमानों का उल्लेख करते हुए जेपी नड्डा ने कहाकि भारत ने इस दशक में वैश्विक औसत की तुलना में पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर में काफी तेजी से गिरावट दर्ज की है, जो लक्षित नीतिगत हस्तक्षेपों और स्वास्थ्य सेवा तक विस्तारित पहुंच के प्रभाव को दर्शाती है। तपेदिक नियंत्रण प्रयासों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहाकि भारत ने सतत सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों और समुदाय आधारित हस्तक्षेपों से तपेदिक के मामलों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की है, जो वैश्विक औसत कमी से कहीं बेहतर है। स्वास्थ्य मंत्री ने भारत के ऐतिहासिक कोविड-19 टीकाकरण अभियान का भी उल्लेख किया, इसके तहत एहतियाती और बूस्टर खुराक सहित 220 करोड़ से अधिक टीके देशभर में लगाए गए, जो भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के पैमाने, प्रतिरोधक्षमता और दक्षता को दर्शाता है। स्वास्थ्य सेवा में वित्तीय सुरक्षा पर जोर देते हुए जेपी नड्डा ने आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के बारेमें बताया, जिसमें प्रति परिवार 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया जाता है। जेपी नड्डा ने दोहरायाकि भारत की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की ताकत अंततः इसके चिकित्सा पेशेवरों की प्रतिबद्धता, सक्षमता और करुणा पर निर्भर करती है।
जेपी नड्डा ने बतायाकि आयुष्मान भारत योजना का लगभग 62 करोड़ लोगों को लाभ मिल रहा है, जो भारत की लगभग 40 प्रतिशत जनसंख्या को कवर करता है। प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय चिकित्सा पत्रिकाओं और स्वतंत्र मूल्यांकनों से प्राप्त प्रमाणों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहाकि एबी-पीएमजेएवाई ने समय पर कैंसर उपचार तक पहुंच में उल्लेखनीय सुधार किया है और देशभर में पात्र लाभार्थियों केलिए वित्तीय सुरक्षा को सुदृढ़ किया है। उन्होंने कहाकि इस दशक में भारत में स्वास्थ्य सेवाओं पर जेब से होनेवाले खर्च में उल्लेखनीय कमी आई है, इससे विशेष रूपसे आर्थिक रूपसे कमजोर वर्गों पर वित्तीय बोझ कम हुआ है। वैश्विक जनसंख्या के लगभग छठे हिस्से का प्रतिनिधित्व करने के बावजूद भारत ने विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के रुझानों के अनुरूप निरंतर वेक्टरजनित रोग नियंत्रण प्रयासों से मलेरिया के मामलों और मृत्यु दर को कम करने में महत्वपूर्ण प्रगति की है। जेपी नड्डा ने व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा के महत्व का उल्लेख करते हुए बतायाकि देशभर में 1.82 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर नागरिकों केलिए प्राथमिक संपर्क बिंदु के रूपमें चल रहे हैं, इनमें से 50000 केंद्रों को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानकों केतहत प्रमाणित किया जा चुका है और भविष्य में यह संख्या 1 लाख तक करने का लक्ष्य है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी इस अवसर पर उपस्थित थे। उन्होंने स्नातकों को बधाई और शुभकामनाएं दीं एवं विशेष रूपसे दूरस्थ व पर्वतीय क्षेत्रोंमें स्वास्थ्य सेवा अवसंरचना, चिकित्सा शिक्षा व आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने केलिए राज्य सरकार के प्रयासों से अवगत कराया। उन्होंने राज्य और राष्ट्र केलिए कुशल स्वास्थ्य सेवा कार्यबल विकसित करने में स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों की भूमिका पर बल दिया। उत्तराखंड के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं उच्च शिक्षा मंत्री धान सिंह रावत ने भी चिकित्सा एवं उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने में विश्वविद्यालय के योगदान की सराहना की। उन्होंने स्नातकों को अनुसंधान, नवाचार और जन स्वास्थ्य सेवाओं, विशेष रूपसे वंचित क्षेत्रों में सक्रिय योगदान देने केलिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहाकि स्वास्थ्य सेवा और उच्च शिक्षा में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने की दृष्टि से स्थापित स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय हिमालयी क्षेत्रमें एक अग्रणी संस्थान के रूपमें उभरा है, जो चिकित्सा, पैरामेडिकल, नर्सिंग, प्रबंधन, इंजीनियरिंग और संबद्ध विज्ञानों में स्नातक, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट कार्यक्रमों की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करता है। दीक्षांत समारोह में स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ विजय धस्माना, कुलपति डॉ राजेंद्र डोभाल, संकाय सदस्य, अभिभावक और छात्र उपस्थित थे।