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भारत रोमानिया में व्यापारिक साझेदारियां

यूरोपीय संघ में भारत का एक महत्वपूर्ण साझेदार है रोमानिया

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का भारत-रोमानिया व्‍यापार मंच पर संबोधन

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Friday 24 July 2026 05:49:13 PM

address by president droupadi murmu at the india-romania business forum

बुखारेस्ट/ नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मोल्दोवा, उत्तर मैसिडोनिया की राजकीय यात्रा केबाद रोमानिया के बुखारेस्ट पहुंचीं, जहां हवाईअड्डे पर रोमानिया की विदेश मंत्री ओआना-सिल्विया तोइउ ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। यह लगभग तीन दशक में किसी भारतीय राष्ट्रपति की रोमानिया की पहली राजकीय यात्रा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का रोमानिया के राष्ट्रपति भवन कोटरोसेनी पैलेस में रोमानिया के राष्ट्रपति मिस्‍टर निकुसोर डैन ने स्वागत किया एवं उन्हें गार्ड ऑफ़ ऑनर दिया गया। इसके बाद राष्ट्रपति ने बुखारेस्ट में भारत-रोमानिया व्‍यापार मंच को संबोधित करते हुए कहाकि भारत और रोमानिया की सात दशक से भी अधिक समय से गर्मजोशीभरी और चिरस्‍थायी मित्रता आपसी विश्वास, सम्मान और दोनों देशों के लोगों केबीच घनिष्ठ संबंधों पर आधारित है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहाकि समय बीतने केसाथ हमारी साझेदारी निरंतर सुदृढ़ हुई है और अब यह अधिक बड़े लक्ष्यों, व्यापक सहयोग तथा भविष्य केलिए साझा दृष्टि केसाथ एक नए चरण में प्रवेश कर रही है। राष्ट्रपति ने कहाकि रोमानिया यूरोपीय संघ में भारत का एक महत्वपूर्ण साझेदार है। उन्‍होंने उल्‍लेख कियाकि भारत यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता हमारे उद्योगों और कौशलप्राप्‍त पेशेवरों केलिए अभूतपूर्व अवसरों के द्वार खोलेगा। उन्होंने कहाकि व्यापार और आर्थिक सहयोग भारत यूरोपीय संघ की समकालीन साझेदारी का प्रमुख आधार हैं, लगभग दो अरब लोगों के संयुक्त बाज़ार और 25 ट्रिलियन डॉलर की संयुक्त अर्थव्यवस्था केसाथ भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक साझेदारियों में से एक है। राष्ट्रपति ने कहाकि इसका उद्देश्य व्यापारिक एकीकरण को और गहरा करना, निवेश के प्रवाह में तेजी लाना तथा सशक्‍त एवं विविधतापूर्ण आपूर्ति श्रृंखलाओं का निर्माण करना है। राष्ट्रपति ने कहाकि वर्ष 2028 में भारत रोमानिया के राजनयिक संबंधों की स्थापना के 80 वर्ष पूरे होंगे, इस अवसर को दोनों देश ‘भारत-रोमानिया नवाचार वर्ष’ के रूपमें मनाएंगे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहाकि एफटीए का शीघ्र और प्रभावी क्रियांवयन अत्यंत महत्वपूर्ण होगा, इससे कारोबार केलिए विश्‍वसनीय परिवेश तैयार होगा, मूल्य श्रृंखलाओं का एकीकरण मजबूत होगा एवं दोनों पक्षों के सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यमों, स्टार्टअप और नवाचारकर्ताओं के नए अवसर सृजित होंगे। राष्ट्रपति ने कहाकि भारत विश्‍व की सबसे तेज़ीसे बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में है। राष्ट्रपति ने कहाकि ‘विकसित भारत 2047’ का हमारा संकल्प स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने तक भारत को एक विकसित राष्ट्र के रूपमें स्थापित करने का है। उन्होंने कहाकि इस यात्रा से अंतर्राष्ट्रीय साझेदारी, निवेश और प्रौद्योगिकी सहयोग केलिए व्यापक अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। राष्ट्रपति ने कहाकि भारत कर व्यवस्था को सरल बनाकर और उत्पादन आधारित प्रोत्साहन जैसी पहलों से पारदर्शी, विश्‍वसनीय और निवेशकों के अनुकूल कारोबारी वातावरण तैयार करने की दिशा में लगातार कदम उठा रहा है। राष्ट्रपति ने कहाकि भारत और रोमानिया केबीच ऊर्जा सुरक्षा और ग्रीन ट्रांजिशन के क्षेत्रमें सहयोग की बहुत गुंजाइश है, रसायन और उर्वरक उद्योग में रोमानिया की क्षमताओं को देखते हुए इस क्षेत्रमें भी दोनों देश मिलकर काम कर सकते हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहाकि भारत का विश्वस्तर पर मान्यता प्राप्त डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, तेज़ीसे बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम और सूचना प्रौद्योगिकी में नेतृत्व, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, साइबर सिक्योरिटी, रिसर्च और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी में रोमानिया की खूबियों केसाथ मिलकर काम कर सकता है। उन्होंने कहाकि हमारी कंपनियों केलिए ट्रांसपोर्टेशन और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में भी सहयोग के अवसर हैं इनमें-पोर्ट, रेलवे, हाईवे, लॉजिस्टिक्स पार्क और मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट प्रमुख हैं, हम फार्मास्यूटिकल्स, हेल्थकेयर, एग्रीकल्चर और फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्रोंमें भी सहयोग को और मज़बूत कर सकते हैं। राष्ट्रपति ने विश्‍वास व्‍यक्‍त कियाकि भारत और रोमानिया के कारोबारी समुदाय इन अवसरों का लाभ उठाएंगे और उन्हें सफल वाणिज्‍यिक साझेदारियों में बदलेंगे। उन्होंने रोमानियाई कंपनियों से भारत की विकास यात्रा में भाग लेने को कहा। उन्होंने कहाकि हमारे कारोबार सुदृढ़ आपूर्ति श्रृंखलाएं बना सकते हैं, रोज़गार पैदा कर सकते हैं, नवाचार को बढ़ावा दे सकते हैं और हमारे लोगों केलिए दीर्घस्‍थायी समृद्धि ला सकते हैं। भारत-रोमानिया व्‍यापार मंच पर रोमानिया के राष्ट्रपति निकुसोर डैन, रोमानिया सरकार के सदस्य, भारत रोमानिया के बिजनेस लीडर्स और दोनों देशों के उद्योग संघों के प्रतिनिधि उपस्‍थित थे।

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