'नागरिक भ्रामक सूचनाओं के सुनियोजित अभियान से गुमराह न हों'
भारत के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय का स्पष्टीकरणस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Friday 27 March 2026 02:37:26 PM
नई दिल्ली। भारत के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया हैकि देश में पेट्रोलियम और एलपीजी की आपूर्ति की स्थिति पूरी तरह सुरक्षित और नियंत्रण में है। सभी खुदरा ईंधन दुकानों में पर्याप्त आपूर्ति है, देश में कहींभी पेट्रोल डीजल या एलपीजी की कमी नहीं है। मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की हैकि वे जानबूझकर फैलाई जारही भ्रामक सूचनाओं के सुनियोजित अभियान से गुमराह न हों, इसका उद्देश्य अनावश्यक दहशत फैलाना है। मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित भ्रामक वीडियो और पोस्टों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है, इनमें चुनिंदा रूपसे कतारों की तस्वीरें, अन्य देशों में सीमित आपूर्ति के वैश्विक समाचार फुटेज, भारत में आसन्न लॉकडाउन, आपातकालीन ईंधन उपायों के पूरी तरह से फर्जी और मनगढ़ंत दावों का उपयोग करके कमी की पूरी तरह से झूंठी धारणा पैदा की गई है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्टीकरण में कहा हैकि सोशल मीडिया में कुछ पोस्टों में जानबूझकर सरकारी आदेशों-जिनमें प्राकृतिक गैस नियंत्रण आदेश और एलपीजी नियंत्रण आदेश शामिल हैं, को संकट का संकेत देने वाली आपातकालीन घोषणाओं के रूपमें गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है, जबकि वास्तव में वे आपूर्ति प्राथमिकता केलिए मानक प्रशासनिक उपकरण हैं, जो एक विवेकपूर्ण और पहले से तैयारी उपाय के रूपमें जारी किए जाते हैं। देश में पेट्रोल डीजल एलपीजी की कमी की गलत सूचनाएं शरारती तत्व फैला रहे हैं और कुछ स्वार्थी तत्व इसे औरभी बढ़ावा दे रहे हैं, जिससे आम जनता में अनावश्यक चिंता पैदा हो रही है। मंत्रालय ने नागरिकों से आग्रह कियाकि वे ईंधन और गैस की उपलब्धता संबंधी जानकारी केलिए केवल सरकारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें, आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता के संबंध में गलत जानकारी फैलाना मौजूदा कानूनों के तहत अपराध है और सरकार जानबूझकर दहशत फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने में संकोच नहीं करेगी।
गौरतलब हैकि होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति के बावजूद भारत को दुनियाभर के अपने 41 से अधिक आपूर्तिकर्ता देशों से पहले की तुलना में अधिक कच्चा तेल प्राप्त हो रहा है। अंतर्राष्ट्रीय बाजारों, विशेष रूपसे पश्चिमी देशों से उपलब्ध उच्च मात्रा ने किसी भी व्यवधान की भरपाई कर दी है। भारत की सभी रिफाइनरियां 100 प्रतिशत से अधिक क्षमता पर चल रही हैं, इंडियन ऑयल कंपनियों ने अगले 60 दिनों के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति पहले ही सुनिश्चित कर ली है। आपूर्ति में कोई कमी नहीं है। भारत ऊर्जा सुरक्षा का अगुआ है, विश्व का चौथा सबसे बड़ा पेट्रोलियम शोधक और पांचवां सबसे बड़ा निर्यातक है, जो 150 से अधिक देशों को परिष्कृत ईंधन की आपूर्ति करता है। विश्व का शुद्ध निर्यातक होने के कारण भारत में घरेलू पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता संरचनात्मक रूपसे सुनिश्चित है। देशभर में एक लाख से अधिक खुदरा ईंधन दुकानें खुली हैं और बिना किसी रुकावट के ईंधन की आपूर्ति कर रही हैं। किसीभी दुकान को आपूर्ति सीमित करने केलिए नहीं कहा गया है।
विश्वभर में कई देश मूल्य वृद्धि, सीमित आपूर्ति, विषम-सम वाहन प्रतिबंध और जबरन स्टेशन बंद करने जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। कुछही देशों ने राष्ट्रीय ऊर्जा आपातकाल घोषित किया है। भारत में ऐसे किसीभी उपाय की आवश्यकता नहीं है, जहां अन्य देश सीमित आपूर्ति कर रहे हैं, वहीं भारत में आपूर्ति की कोई कमी नहीं है। कुछ चुनिंदा पंपों पर छिटपुट रूपसे घबराहट में खरीदारी की गई है, वे सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो से फैलाई गई जानबूझकर गलत सूचना के कारण हुईं, ऐसे पंपों पर मांग में वृद्धि के बावजूद उपभोक्ताओं को ईंधन की आपूर्ति की गई और तेल कंपनियों के डिपो आपूर्ति बढ़ाने केलिए रातभर चालू रहे। पेट्रोल पंप मालिकों की कार्यशील पूंजी संबंधी समस्याओं के कारण किसी भी पंप पर पेट्रोल और डीजल की कमी न हो, यह सुनिश्चित करने केलिए तेल कंपनियों ने पेट्रोल पंपों को दी जानेवाली क्रेडिट अवधि को पहले की एक दिन की अनुमति से बढ़ाकर 3 दिन से अधिक करने केलिए कदम उठाए हैं।
कुछ लेखों और सोशल मीडिया वीडियो में यह बताया जा रहा हैकि देश में केवल 6 दिन का ही भंडार है। भारत की कुल भंडार क्षमता 74 दिन की है और पश्चिम एशिया संकट के 27वें दिन भी वास्तविक भंडार लगभग 60 दिन का है (जिसमें कच्चे तेल का भंडार, उत्पाद भंडार और भूमिगत गुफाओं में समर्पित रणनीतिक भंडारण शामिल है)। वैश्विक स्तर पर चाहे जो भी हो, प्रत्येक भारतीय नागरिक केलिए लगभग दो महीने की स्थिर आपूर्ति उपलब्ध है। अगले दो महीने के कच्चे तेल की खरीद भी सुनिश्चित कर ली गई है। भारत अगले कई महीने केलिए पूरी तरह से सुरक्षित है और ऐसी आपूर्ति स्थिति में रणनीतिक भूमिगत गुफाओं में भंडार की मात्रा गौण हो जाती है, इसलिए भारत के भंडार के समाप्त या अपर्याप्त होने के किसीभी दावे को पूरी तरह से खारिज किया जाता है। एलपीजी की कोई कमी नहीं है, मंत्रालय के जारी एलपीजी नियंत्रण आदेश केबाद घरेलू रिफाइनरी उत्पादन में 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिससे दैनिक एलपीजी उत्पादन 50 टीएमटी (हमारी आवश्यकता का 60 प्रतिशत से अधिक) तक पहुंच गया है, जबकि कुल दैनिक आवश्यकता लगभग 80 टीएमटी है।
परिणामस्वरूप शुद्ध दैनिक आयात आवश्यकता घटकर केवल 30 टीएमटी रह गई है यानी भारत अब आयात की आवश्यकता से कहीं अधिक उत्पादन कर रहा है। घरेलू उत्पादन के अतिरिक्त अमेरिका, रूस, ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों से 800 टीएमटी एलपीजी कार्गो पहले से ही सुरक्षित हैं और भारत के 22 एलपीजी आयात टर्मिनलों पर पहुंच रहे हैं, जो 2014 में मौजूद 11 टर्मिनलों की तुलना में दोगुने हैं। लगभग एक महीने की आपूर्ति की पूरी व्यवस्था हो चुकी है और अतिरिक्त खरीद को लगातार अंतिम रूप दिया जा रहा है। तेल कंपनियां प्रतिदिन 50 लाख से अधिक सिलेंडर सफलतापूर्वक वितरित कर रही हैं। उपभोक्ताओं के घबराहट में ऑर्डर देने के कारण सिलेंडर की मांग 89 लाख सिलेंडर तक पहुंच गई थी, जो अब घटकर फिरसे 50 लाख सिलेंडर रह गई है। जमाखोरी या कालाबाजारी से बचने केलिए राज्य सरकारों से परामर्श करके वाणिज्यिक सिलेंडरों का आवंटन बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया है।
राज्य सरकारों के पूर्ण समन्वय से पाइपलाइन से प्राकृतिक गैस (पीएनजी) को बढ़ावा दिया जा रहा है, क्योंकि यह भारतीय घरों केलिए सस्ती, स्वच्छ और सुरक्षित है। भारत पहले से ही 191 प्रतिदिन मिलियन मीट्रिक मानक घन मीटर की दैनिक आवश्यकता में से 92 प्रतिदिन मिलियन मीट्रिक मानक घन मीटर प्राकृतिक गैस का घरेलू उत्पादन करता है, जिससे भारत एलपीजी की तुलना में पीएनजी पर आयात के मामले में काफी कम निर्भर है। शहरी गैस वितरण क्षेत्र वर्ष 2014 में 57 भौगोलिक क्षेत्रों से बढ़कर आज 300 से अधिक हो गया है। घरेलू पीएनजी कनेक्शन 25 लाख से बढ़कर 1.5 करोड़ से अधिक हो गए हैं। पीएनजी कनेक्शनप्राप्त करने की यह प्रक्रिया वर्तमान स्थिति उत्पन्न होने से पहले ही अच्छी तरह से चल रही थी और यह भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति को दर्शाती है। यह दावाकि एलपीजी के खत्म होने के कारण पीएनजी को बढ़ावा दिया जा रहा है, गलत जानकारी है। एलपीजी की आपूर्ति सुरक्षित है, पीएनजी भारत के घरों केलिए एक बेहतर, अधिक किफायती और अत्यधिक सुविधाजनक ईंधन है।