एक मजबूत और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करें-राष्ट्रपति
सीपीईएस और आईईएस अफसरों को राष्ट्रपति का संबोधनस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Friday 27 March 2026 04:59:14 PM
नई दिल्ली। केंद्रीय विद्युत अभियांत्रिकी सेवा (सीपीईएस) और भारतीय आर्थिक सेवा (आईईएस) के अधिकारियों ने आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। राष्ट्रपति भवन में अधिकारियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहाकि वे भारत के विकास में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं और उनके निर्णय एक मजबूत और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सहायक होंगे। उन्होंने कहाकि समावेशी और सतत विकास को बढ़ावा देने वाली नीतियों को आकार देने और सुधारों को लागू करने में उनकी बड़ी भूमिका होगी। उन्होंने अधिकारियों को समर्पण और उत्साह की भावना से कार्य करने की सलाह दी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहाकि उन्हें अपने सफर में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन ये चुनौतियां राष्ट्र निर्माण में सार्थक योगदान देने के अपार अवसर प्रदान करती हैं। राष्ट्रपति ने कहाकि उन्हें हमेशा जिज्ञासा, नवाचार केप्रति प्रतिबद्धता और निरंतर सीखने की तत्परता केसाथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। केंद्रीय विद्युत अभियांत्रिकी सेवा के अधिकारियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहाकि विद्युत, औद्योगिक विकास, नवाचार, जीवनस्तर में सुधार और देश की समग्र सामाजिक और आर्थिक प्रगति का मुख्य प्रेरक तत्व है। उन्होंने कहाकि केंद्रीय विद्युत अभियांत्रिकी सेवा विद्युत प्रणालियों की गुणवत्ता, विश्वसनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए विद्युत उत्पादन, पारेषण और वितरण के क्षेत्रोंमें नियोजन और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। उन्होंने कहाकि सुदृढ़ अभियांत्रिकी पद्धतियों और नवोन्मेषी समाधानों के माध्यम से राष्ट्र के विद्युत अवसंरचना को सुदृढ़ करने में केंद्रीय विद्युत अभियांत्रिकी सेवा अधिकारियों की भूमिका अत्यंत प्रमुख होगी।
भारतीय आर्थिक सेवा (आईईएस) के अधिकारियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहाकि तेजीसे बदलते वैश्विक और घरेलू परिदृश्य में सार्वजनिक सेवा में आर्थिक नियोजन और कार्यांवयन पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने कहाकि सतत विकास सुनिश्चित करने, मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने, रोज़गार के अवसरों को बढ़ाने, असमानताओं को कम करने और जटिल परिस्थितियों में अर्थव्यवस्था को सुचारू रूपसे चलाने में आईईएस अधिकारी सर्वोत्कृष्ट भूमिका निभाएं। उन्होंने अधिकारियों को याद दिलायाकि हर आंकड़े के पीछे एक मानवीय कहानी छिपी होती है। उन्होंने कहाकि आर्थिक नीति का सही माप केवल आंकड़ों में नहीं, बल्कि उसके परिणामों में होता है, विशेषकर कमज़ोर वर्गों का जीवन बेहतर होना चाहिए।