स्वतंत्र आवाज़
word map

भारत में स्वगणना प्रक्रिया केसाथ जनगणना शुरू

राष्ट्रपति उपराष्ट्रपति प्रधानमंत्री और गृहमंत्री ने की अपनी स्वगणना

लोग स्वगणना या प्रगणक को सहयोग देकर जनगणना में भाग लें!

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Thursday 2 April 2026 12:12:20 PM

the president conducted a self-count

नई दिल्ली। भारत सरकार ने जनगणना-2027 के प्रथम चरण में मकानसूचीकरण और मकानों की गणना की शुरुआत कर दी है, इसी केसाथ भारत में विश्व का सबसे बड़ा जनगणना अभियान शुरू हो गया है, यह देश के सबसे बड़े प्रशासनिक और सांख्यिकीय अभियान का भी आरंभ है। पूरी तरह डिजिटल डेटा कैप्चर केसाथ स्वगणना की सुविधा वाली भारत की यह पहली जनगणना है। देश की प्रथम नागरिक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जनगणना शुरू करने की गौरवशाली परंपरा को कायम रखते हुए स्वगणना करके राष्ट्रीय गणना प्रक्रिया की शुरुआत की। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने उपराष्ट्रपति भवन में जनगणना-2027 केलिए ऑनलाइन स्वगणना फॉर्म भरा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी स्वगणना पूरी कर ली है। प्रधानमंत्री ने देश की जनता से अपील की हैकि वे अपने घर-परिवार का विवरण स्वयं दर्ज करें और जनगणना प्रक्रिया में भाग लें। इस राष्ट्रीय प्रक्रिया में जनभागीदारी के महत्व को रेखांकित करते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने भी पोर्टल के माध्यम से स्वगणना की। प्रारंभिक चरण में स्वगणना प्रक्रिया 8 राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रोंमें शुरू की गई है, इनमें अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह, गोवा, कर्नाटक, लक्षद्वीप, मिजोरम, ओडिशा, सिक्किम और राजधानी दिल्ली के नई दिल्ली नगरपालिका परिषद एवं दिल्ली छावनी बोर्ड क्षेत्र शामिल हैं। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार पहले दिन इन स्थानों से लगभग 55000 परिवारों ने पहले ही दिन इस सुविधा का लाभ उठाया। स्वगणना एक सुरक्षित और वेब आधारित सुविधा है, जो 16 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है। पहलीबार उत्तरदाताओं को प्रगणकों के आनेसे पहले अपनी सुविधानुसार ऑनलाइन विवरण भरने का विकल्प है।
पिछली जनगणनाओं की तरह प्रगणक सभी आवंटित हाउस लिस्टिंग ब्लॉकों में घर-घर जाएंगे, जबकि उसके पूर्व स्वगणना एक अतिरिक्त सुविधा के रूपमें काम करेगी। स्वगणना में भाग लेने केलिए व्यक्ति अपने मोबाइल नंबर और बुनियादी क्रेडेंशियल्स का उपयोग करके se.census.gov.in पोर्टल पर लॉगइन करें। सफलतापूर्वक फॉर्म सबमिट करने पर एक यूनीक सेल्फ-एनुमरेशन आईडी (SE ID) जनरेट हो जाती है, जिसे बादमें प्रगणक के फील्ड विजिट के दौरान उनसे पुष्टि करने केलिए साझा किया जाएगा। मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना के चरण के दौरान आवास की स्थिति, घरेलू सुविधाओं और उपलब्ध परिसंपत्तियों से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी। इन महत्वपूर्ण संकेतकों को दर्ज करने केलिए जनवरी 2026 में प्रथम चरण केलिए कुल 33 प्रश्न अधिसूचित किए गए हैं, जो साक्ष्य आधारित योजना निर्माण, नीति निर्धारण और लक्षित कल्याणकारी योजनाओं केलिए आधार प्रदान करते हैं।
मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना का चरण 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 केबीच पूरे देश में संचालित किया जाएगा। इस छह माह की अवधि में प्रत्येक राज्य और संघ राज्य क्षेत्र की सरकारें अधिसूचित 30 दिन की अवधि में इस क्षेत्रीय कार्य को पूरा करेंगी। पहलीबार घर-घर सर्वेक्षण से पहले 15 दिन की अतिरिक्त अवधि स्वगणना केलिए प्रदान की गई है, जिससे लोग प्रगणक के आनेसे पहले अपने विवरण डिजिटल रूपसे स्वयं दर्ज कर सकते हैं। जनगणना शासन केलिए एक महत्वपूर्ण साधन है, जो अगले दशक केलिए भारत की विकास योजना का आधार प्रदान करती है। जनगणना अधिनियम-1948 केतहत एकत्रित सभी आंकड़े पूरी तरह गोपनीय रखे जाते हैं। सरकार का कहना हैकि जनगणना 2027 केलिए उपयोग किए जारहे डिजिटल उपकरण उच्चस्तरीय डेटा सुरक्षा सुनिश्चित करने केलिए मजबूत एन्क्रिप्शन और बहुस्तरीय प्रमाणीकरण से युक्त हैं, अतः लोगों से आग्रह किया हैकि वे स्वगणना से या प्रगणक को पूर्ण सहयोग देकर जनगणना प्रक्रिया में भागीदारी करें।

हिन्दी या अंग्रेजी [भाषा बदलने के लिए प्रेस F12]