दीनदयाल पोर्ट कनेक्टिविटी परियोजना केलिए ₹132.51 करोड़ स्वीकृत
आधुनिक, कुशल और निर्बाध पोर्ट कनेक्टिविटी हमारी प्रतिबद्धता-सर्बानंदस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Friday 3 April 2026 05:19:46 PM
नई दिल्ली। भारत के पत्तन पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने वैश्विक नौवहन केंद्र के रूपमें भारत की स्थिति को निर्णायक रूप देते हुए देश में बंदरगाहों के विकास को तेज करने की दिशामें एक अहम कदम उठाया है। उन्होंने दीनदयाल पत्तन प्राधिकरण में एलसी-235 पर एक 'रोड ओवरब्रिज' के निर्माण को मंज़ूरी दे दी है, इस बंदरगाह कनेक्टिविटी परियोजना की अनुमानित लागत 132.51 करोड़ रुपये है। उन्होंने कहाकि यह परियोजना भारत सरकार के प्रमुख सागरमाला कार्यक्रम का एक अभिन्न अंग है और पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के उद्देश्यों के अनुरूप है, जिसका लक्ष्य देशभर में मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स दक्षता को बढ़ाना है। उन्होंने कहाकि वर्तमान में इस परियोजना का निर्माण कार्य पश्चिम रेलवे 'डिपॉजिट बेसिस' (जमा के आधार) पर कर रहा है।
जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहाकि यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में आधुनिक, कुशल और निर्बाध पोर्ट आधारित कनेक्टिविटी केप्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहाकि दीनदयाल पोर्ट पर बना यह रेलवे ओवरब्रिज महत्वपूर्ण बाधाओं को दूर करेगा, कार्गो की आवाजाही को बेहतर बनाएगा और भारत की लॉजिस्टिक्स दक्षता को मजबूत करेगा। उन्होंने कहाकि सागरमाला कार्यक्रम और पीएम गति शक्ति के अनुरूप हम एक ऐसा एकीकृत बुनियादी ढांचा तैयार कर रहे हैं, जो व्यापार को गति देता है, सुरक्षा बढ़ाता है और आर्थिक विकास को बढ़ावा देता है। सर्बानंद सोनोवाल ने दोहरायाकि यह विश्वस्तरीय पोर्ट अवसंरचना तैयार करने और एक वैश्विक नौवहन केंद्र के रूपमें देश का एक निर्णायक कदम है। उन्होंने कहाकि इस प्रस्ताव का हालही में पत्तन पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में 'प्रदत्त निवेश बोर्ड' ने मूल्यांकन किया था और आधुनिक सुरक्षा मानकों व तकनीकी विशिष्टताओं के अनुपालन को सुनिश्चित करने केलिए परियोजना की संशोधित लागत की समीक्षा की भी गई थी।
सर्बानंद सोनोवाल ने कहाकि यह रोड ओवरब्रिज बंदरगाह पर मौजूदा लॉजिस्टिक बाधाओं को दूर करने केलिए डिज़ाइन किया गया है। उन्होंने कहाकि रेलवे क्रॉसिंग पर निर्बाध आवाजाही सक्षम करके यह परियोजना बाधाओं को समाप्त करेगी, बंदरगाह की ओर जानेवाले माल का निरंतर प्रवाह सुनिश्चित करेगी और दीनदयाल पोर्ट की परिचालन दक्षता में उल्लेखनीय सुधार करेगी। उन्होंने कहाकि इसके पूरा होने पर इससे भीड़भाड़ कम होने, माल की तेजीसे निकासी होने और देश की समग्र नौवहन लॉजिस्टिक्स श्रृंखला के मजबूत होने की उम्मीद है। उन्होंने जिक्र कियाकि एकीकृत और समन्वित बुनियादी ढांचा विकास के दृष्टिकोण के अनुरूप मंत्रालय ने सभी प्रमुख बंदरगाह परियोजनाओं को पीएम गति शक्ति पोर्टल पर मैप करने का निर्देश भी दिया है। उन्होंने आशा व्यक्त कीकि यह पहल मल्टीमोडल कनेक्टिविटी परियोजनाओं के बेहतर तालमेल को सक्षम बनाएगी, अंतर एजेंसी समन्वय को बढ़ाएगी और देशभर में अवसंरचना विकास में तेजी लाएगी।