दूरदर्शन एवं भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के बीच महत्वपूर्ण समझौता
वैश्विक दर्शकों में भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रचार प्रसारस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Friday 10 April 2026 12:16:45 PM
नई दिल्ली। भारत की सांस्कृतिक कूटनीति की वैश्विक पहुंच को और ज्यादा मजबूत करने के उद्देश्य से दूरदर्शन (प्रसार भारती) ने भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) केसाथ एक महत्वपूर्ण समझौता किया है। दूरदर्शन के महानिदेशक के सतीश नंबूदिरीपाद और आईसीसीआर की महानिदेशक के नंदिनी सिंगला ने दोनों संगठनों के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में दूरदर्शन भवन नई दिल्ली में इस एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस साझेदारी का मकसद दूरदर्शन (प्रसार भारती) के व्यापक टेलीविजन, रेडियो और डिजिटल नेटवर्क के ज़रिए आईसीसीआर की उपलब्ध कराई गई सांस्कृतिक सामग्री की पहुंच को बढ़ावा देना है।
विदेशों में भारतीय दूतावासों, वाणिज्य दूतावासों और भारतीय सांस्कृतिक केंद्रों में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम, साथही आईसीसीआर मुख्यालय और भारतभर में इसके क्षेत्रीय एवं क्षेत्रीय कार्यालयों के संचालित कार्यक्रम समझौते में शामिल हैं। समझौते केतहत आईसीसीआर सांस्कृतिक सामग्री और प्रस्तुतियां उपलब्ध कराएगा, जबकि दूरदर्शन टेलीविजन चैनलों, रेडियो नेटवर्क, ओटीटी प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया सहित विभिन्न प्लेटफार्मों पर उनका प्रसारण करेगा। इस व्यवस्था से विदेशों में भारतीय दूतावासों से प्राप्त रिकॉर्डिड सांस्कृतिक सामग्री के प्रसारण में भी मदद मिलेगी, जिससे विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रोंमें भारत की सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों की व्यापक पहुंच मुमकिन होगी। समझौते की प्रमुख विशेषता डिजिटल अधिकारों सहित सामग्री अधिकारों का संयुक्त स्वामित्व है, जो दोनों संगठनों को दीर्घकालिक उपयोग केलिए सामग्री को संग्रहित और प्रसारित करने में सक्षम बनाता है।
दूरदर्शन (प्रसार भारती) दर्शकों की सहभागिता बढ़ाने केलिए जहां तक संभव हो कार्यक्रम से पहले प्रचार और विभिन्न मंचों पर भी प्रचार करेगा। यह समझौता ज्ञापन दूरदर्शन (प्रसार भारती) को इस सहयोग केतहत निर्मित सामग्री से होने वाले वित्तीय अवसरों का पता लगाने में भी मदद करता है, ताकि इस प्रकार की सांस्कृतिक प्रसारण पहलें लगातार होती रहें। यह समझौता तीन वर्ष की अवधि केलिए लागू रहेगा, जिसमें आपसी सहमति से विस्तार के प्रावधान हैं। इस सहयोग से भारत की समृद्ध और विविध सांस्कृतिक विरासत की दृश्यता और पहुंच में काफी वृद्धि होने की उम्मीद है, साथही इससे सांस्कृतिक प्रचार के प्रयासों को समकालीन मीडिया प्लेटफार्मों और वैश्विक दर्शकों केसाथ जोड़ा जा सकेगा। इस अवसर पर दूरदर्शन (प्रसार भारती) और आईसीसीआर के अधिकारी भी उपस्थित थे।