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भारत और कोरिया में फ्यूचरिस्टिक पार्टनरशिप!

कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग और नरेंद्र मोदी की गर्मजोशीभरी भेंट

वर्ष 2028 में भारत-कोरिया फ्रेंडशिप फेस्टिवल आयोजित किए जाएंगे

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Monday 20 April 2026 03:54:25 PM

korean president lee jae-myung and narendra modi

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपनी पहली भारत यात्रा पर आए कोरिया गणराज्य के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग का बड़ी गर्मजोशी से स्वागत किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने हैदराबाद हाउस नई दिल्ली में भारत और कोरिया गणराज्य के प्रतिनिधिमंडल केसाथ वार्ता की और कई महत्वपूर्ण समझौतों पर सहमति व्यक्त की। दोनों नेताओं ने एक संयुक्त प्रेस वार्ता में दोनों देशों केबीच ऐतिहासिक और मजबूत संबंधों पर प्रकाश डाला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति ली जे-म्युंग के जीवन संघर्ष, सेवा और समर्पण को प्रेरणादायक उदाहरण बताया और कहाकि हर चुनौती ने उनके भीतर जनसेवा के संकल्प को और सशक्त किया है। उन्होंने कहाकि भलेही यह उनकी पहली भारत यात्रा हो, लेकिन भारत केप्रति उनकी आत्मीयता हमारी पहली मुलाकात से ही स्पष्ट है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि आठ वर्ष बाद कोरिया के राष्ट्रपति की यह भारत यात्रा अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहाकि डेमोक्रैटिक वैल्यूस, मार्केट इकोनॉमी और कानून के शासन केप्रति सम्मान हम दोनों देशों के डीएनए में है, इंडो-पेसिफिक क्षेत्रमें हमारा सामान्य दृष्टिकोण है और आज प्रेसीडेंट ली जे-म्युंग केसाथ हम इस ट्रस्टेड पार्टनरशिप को एक फ्यूचरिस्टिक पार्टनरशिप में ट्रांसफार्म कर रहे हैं। नरेंद्र मोदी ने कहाकि हम चिप्स से लेकर शिप्स, टैलेंट से लेकर टेक्नॉलजी, पर्यावरण से लेकर एनर्जी हर क्षेत्रमें सहयोग के नए अवसरों को साकार करेंगे और मिलकर दोनों देशों की प्रगति और समृद्धि सुनिश्चित करेंगे। प्रधानमंत्री ने कहाकि भारत और कोरिया का बाइलैटरल ट्रेड ट्वेंटी सेवन बिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है, वर्ष 2030 तक इसे फिफ्टी बिलियन डॉलर तक पहुंचाने केलिए हमने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। उन्होंने बतायाकि दोनों देशों केबीच वित्तीय प्रवाह को सुगम बनाने केलिए भारत-कोरिया वित्तीय फोरम की शुरुआत की है, बिजनेस सहयोग केलिए एक इंडस्ट्रीअल कोऑपरेशन कमिटी का गठन किया है, क्रिटिकल टेक्नॉलजी और सप्लाइ चेंस में सहयोग केलिए इकोनॉमिक सिक्युरिटी डायलॉग शुरू कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि कोरिया की कंपनी खासकर एसएमईएस की भारत में एंट्री सहज करने केलिए हम कोरियन इंडस्ट्रीअल टाउनशिप स्थापित करेंगे और अगले एकवर्ष के अंदर भारत-कोरिया ट्रेड अग्रीमेंट को अपग्रेड करेंगे। नरेंद मोदी ने कहाकि हम अगले दशक की सक्सेस स्टोरीस की नींव रख रहे हैं, एआई, सेमीकंडक्टर और इनफार्मेशन टेक्नॉलजी में साझेदारी और प्रगाढ़ करने केलिए हम इंडिया-कोरिया डिजिटल ब्रिज लॉंच कर रहें हैं, शिप बिल्डिंग, सस्टेनिबिलिटी, स्टील और पोर्ट्स जैसे क्षेत्रोंमें हम एमओयू कर रहे हैं। उन्होंने कहाकि कल्चर और क्रिएटिव इंडस्ट्री में आपसी सहयोग से फिल्म एनिमेशन और गेमिंग में नए आयाम स्थापित करेंगे, यह बिजनेस फोरम इन अवसरों को ठोस परिणामों में बदलने का मंच बनेगा। नरेंद्र मोदी ने उल्लेख कियाकि भारत और कोरिया के हजारों वर्ष पुराने सांस्कृतिक संबंध हैं, 2000 साल पहले अयोध्या की राजकुमारी सूरीरत्ना और कोरिया के राजा किम-सुरो की कहानी हमारी साझा विरासत है। उन्होंने कहाकि आज भारत में के-पॉप, के-ड्रामा बहुत ही पोपुलर हो रहें हैं, उसी तरह कोरिया में भी भारतीय सिनेमा और संस्कृति की पहचान बढ़ रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुशी जाहिर कीकि राष्ट्रपति ली जे-म्युंग खुद भारतीय सिनेमा के प्रशंसक हैं और इस कल्चरल कनेक्ट को मजबूत करने केलिए हम 2028 में भारत-कोरिया फ्रेंडशिप फेस्टिवल आयोजित करेंगे। उन्होंने कहाकि लोगों से लोगों केबीच संपर्क मजबूत करने केलिए हम एजुकेशन, रिसर्च सहयोग और टुरिज़म को बढ़ावा देंगे। उन्होंने कहाकि वैश्विक तनाव के इस दौर में भारत और कोरिया मिलकर शांति और स्थिरता का संदेश देते हैं। उन्होंने खुशी जताईकि आज कोरिया इंटरनेशनल सोलर अलायंस और इंडो-पेसिफिक ओशियंस इनिश्येटिव से जुड़ रहा है, हम अपने साझा प्रयासों से शांतिपूर्ण, प्रगतिशील और इन्क्लूसिव इंडो-पेसिफिक केलिए योगदान देते रहेंगे। नरेंद्र मोदी ने कहाकि हम सहमत हैंकि वैश्विक चुनौतियों के समाधान केलिए वैश्विक संस्थाओं में सुधार बहुत जरूरी है। उन्होंने कहाकि लगभग 100 वर्ष पहले भारत के महानकवि गुरुदेव रबिंद्रनाथ टागोर ने कोरिया को ‘पूर्व का दीपक’ कहा था और आज विकसित भारत 2047 के हमारे संकल्प को साकार करने केलिए कोरिया एक महत्वपूर्ण साझेदार है। उन्होंने उम्मीद जताईकि हम अपनी पार्टनरशिप से दोनों देशों केसाथ-साथ विश्व की प्रगति और समृद्धि का भी रास्ता बनाएंगे।

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