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सीमाओं पर 'चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड' नया मंत्र

जनता सिविल प्रशासन मिलिट्री और बीएसएफ साथ खड़े होंगे-गृहमंत्री

भुज में भारत-पाकिस्तान सीमा पर बीएसएफ जवानों को प्रोत्साहित किया

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Friday 29 May 2026 05:08:17 PM

amit shah encouragement to bsf jawans at the india-pakistan border in bhuj

भुज। गृहमंत्री अमित शाह ने सीमाओं पर ‘चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड’ का नया मंत्र देते हुए कहा हैकि सीमाओं पर सुरक्षा कार्य अब और तेज कर दिया गया है। उन्होंने कहाकि जनता, सिविल प्रशासन, मिलिट्री और बीएसएफ साथ खड़े होंगे, अब सिर्फ बॉर्डर सुरक्षा नहीं, पूरी ‘टेरिटोरियल सुरक्षा’ होगी। अमित शाह ने कहाकि हम स्मार्ट बॉर्डर सिक्युरिटी प्रोजेक्ट केतहत सीमा पर सुरक्षा ग्रिड को मजबूत बनाने का कार्य कर रहे हैं, इसमें हजारों करोड़ रुपए का निवेश किया जा रहा है और उन्हें विश्वास हैकि ड्रोन, रेडार, वॉच टावर, अत्याधुनिक तकनीक और जवानों की तैनाती से एक मजबूत सुरक्षा ग्रिड खड़ी होगी, इसके बाद कोई हमारी सरहद को भेदने की हिम्मत भी नहीं कर पाएगा। गृहमंत्री ने कहाकि हम नए क्षेत्रों को भी बीएसएफ को देने पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने उल्लेख कियाकि हमारी सुरक्षा ग्रिड में सबसे बड़ी कमी बंगाल में बॉर्डर पर अधूरी फेंसिंग थी, भौगोलिक परिस्थिति को तो नहीं बदला जा सकता, लेकिन जहां जमीन है और बॉर्डर फेंस बन सकती है, वहां भी हमें जमीन नहीं मिली थी।
गृहमंत्री अमित शाह ने कहाकि बीते दिनों बंगाल की जनता के आशीर्वाद से बंगाल में भाजपा की सरकार बनी और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने एक सप्ताह के भीतर ही बॉर्डर पर फेंसिंग केलिए जमीन देने का फैसला सैद्धांतिक तौरपर कर दिया है। उन्होंने कहाकि फेंसिंग पूरी होते ही हम घुसपैठ रोकने में सफल होंगे और जंगल एवं नदी-नालों के रास्ते घुसपैठ रोकने केलिए वहां भी तकनीकी फेंसिंग का काम तेजीसे किया जा रहा है। गृहमंत्री ने कहाकि देश बीएसएफ जवानों के जज्बे का सम्मान करता है, उन्हें सलाम करता है, उनके कारण आज गुजरात के इस क्षेत्रमें शांति है। गृहमंत्री ने आज भुज में भारत-पाकिस्तान सीमा पर जी-7 बॉर्डर आउट पोस्ट पर जवानों से संवाद और जी-7 एवं जी-13 सीमा चौकियों का लोकार्पण करते हुए ये बातें कहीं। अमित शाह ने कहाकि बीएसएफ की स्थापना के 60वें साल में हमने बीएसएफ की सीमा सुरक्षा की अवधारणा को पूरी तरह बदलने का निर्णय किया है। गृहमंत्री ने कहाकि बीएसएफ के जवान बहुत विषम जलवायु और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में रहते हैं, लेकिन यहां आकर जब उन्हें हंसते हुए चेहरों केसाथ भारत की सीमाओं की सुरक्षा में डटे देखते हैं तो लगता हैकि इनकी तुलना में हमारा काम बहुत सरल है। गृहमंत्री ने कहाकि जब बीएसएफ के जवान नहीं थकते हैं तो हमें थकने का बिल्कुल भी अधिकार नहीं है।
गृहमंत्री अमित शाह ने कहाकि बीएसएफ ने अपनी स्थापना से लेकर अबतक बीते 60 साल में देश की दो सबसे कठिन सीमाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी उठाई है, इन सीमाओं पर तैनात बीएसएफ जवानों को -45 डिग्री से +45 डिग्री से अधिक तापमान तक हर परिस्थिति का सामना करना पड़ता है, कहीं कच्छ का दुर्गम रेगिस्तान है, सरक्रीक और हरामी नाले की दलदली जमीन है तो कहीं राजस्थान के रेत के टीलों के बीच तैनात रहकर बीएसएफ जवानों को काम करना पड़ता है। अमित शाह ने कहाकि कश्मीर की बर्फीली चोटियों और सुंदरबन के जंगलों केबीच गंगासागर के किनारे से मेघालय और असम के पहाड़ी और वन क्षेत्रों तक बीएसएफ ने बीते छह दशक में फर्स्ट लाइन ऑफ डिफेंस का दायित्व बहुत अच्छे तरीके से निभाया है। उन्होंने कहाकि बल के 2000 जवानों ने देश केलिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है, इसी कारण भारत सरकार और देश की 140 करोड़ जनता हमेशा बीएसएफ केप्रति आदरभाव रखती है और चैन की नींद भी सोती है। अमित शाह ने बतायाकि बनासकांठा में एक केंद्र बनाया गया है, ताकि आम जनता को बीएसएफ जवानों की कठिन ड्यूटी का पता चल सके। उन्होंने कहाकि बीते एक महीने में लगभग 2.5 लाख से ज्यादा लोगों ने इस केंद्र में जाकर बीएसएफ की ड्यूटी के बारेमें जाना-समझा है।
अमित शाह ने कहाकि शुरू में फीडबैक फॉर्म के जरिए एक सर्वे करवाकर लोगों से बीएसएफ की ड्यूटी के बारेमें उनके विचार पूछे गए थे, उस समय कई महिलाओं ने लिखा थाकि अगर उनके बेटे-बेटियां बड़े होकर बीएसएफ में जाएं तो उन्हें गर्व होगा। उन्होंने कहाकि देश केलिए इतना कठिन जीवन जीना बहुत बड़ी बात है, देश की जनता केलिए फीडबैक फॉर्म को ऑनलाइन कर दिया गया है। अमित शाह ने कहाकि जब वे गृहमंत्री बने तब बीएसएफ की समीक्षा में पायाकि हरामी नाला और सरक्रीक का क्षेत्र सुरक्षा की दृष्टि से थोड़ा पीछे था। ज्ञातव्य हैकि हरामी नाला भुज में भारत पाकिस्तान सीमा पर 22 किलोमीटर लंबी ज्वारीय समुद्री नहर है, यह क्षेत्र सर क्रीक विवादित सीमा का हिस्सा है, यहां लगातार बदलते जलस्तर और दलदली परिस्थितियों के कारण इसे घुसपैठियों, तस्करों और असामाजिक तत्वों केलिए अनुकूल माना जाता है। गृहमंत्री ने कहाकि हम वॉच टावर, कनेक्टिंग रोड, पेयजल, मेडिकल सुविधाएं, रहने की व्यवस्था और नई फेंसिंग का काम शुरूकर हर दृष्टि से एक लीक प्रूफ सुरक्षा ग्रिड बनाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहाकि अगले दो साल में हमारा यह क्षेत्र दुश्मन की बुरी नज़र से हमेशा केलिए सुरक्षित हो जाएगा।
गृहमंत्री ने कहाकि बीएसएफ के जवान सरक्रीक और भुज में चट्टान की तरह खड़े हैं, जिसके कारण भुज की जनता पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने कहाकि हम ऐसी सुविधा देंगे, ताकि जवानों को कम से कम तकलीफ हो, इसके लिए नरेंद्र मोदी सरकार दिन-रात काम कर रही है। अमित शाह ने कहाकि हमने बजट की चिंता नहीं की है और तकनीक के उपयोग में भी कोई कसर नहीं छोड़ी है, जिससे धीरे-धीरे इस क्षेत्रमें मजबूत सुरक्षा ग्रिड सृजित बनाने में हमें सफलता मिली है। हमने यहां सफलतापूर्वक वॉच टावरों का निर्माण किया और पूरे बीओपी क्षेत्र को ग्राउंड लेवल से ऊपर उठाया। इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, गृह सचिव, आसूचना ब्यूरो के निदेशक, सीमा प्रबंधन सचिव और बीएसएफ के महानिदेशक एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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