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एआई आधारित मीडिया शिक्षा और क्षमता निर्माण

भारतीय मीडिया इकोसिस्टम में एआई के जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा

आईआईएमसी में एआई मीडिया और मनोरंजन अकादमी का शुभारंभ

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Saturday 30 May 2026 12:28:50 PM

launch of ai media and entertainment academy at iimc

नई दिल्ली। भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली में एआई मीडिया और मनोरंजन अकादमी की शुरूआत की गई है, जो देश में एआई आधारित मीडिया शिक्षा और क्षमता निर्माण को मजबूत करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में सचिव चंचल कुमार ने आईआईएमसी की कुलपति डॉ प्रज्ञा पालीवाल गौर और गूगल डीपमाइंड इंडिया के वरिष्ठ निदेशक डॉ मनीष गुप्ता केसाथ संयुक्त रूपसे अकादमी का शुभारंभ किया। इस दौरान 10 सप्ताह के हाइब्रिड एआई कौशल प्रशिक्षण के सफल समापन का भी जश्न मनाया गया। एआई कौशल प्रशिक्षण में 23 शहरों के 100 से अधिक समाचारपत्रों और मीडिया कॉलेजों के 110 से अधिक समाचारपत्रों के पेशेवरों, मीडिया शिक्षकों और छात्रों को 10 से अधिक भारतीय भाषाओं में प्रशिक्षित किया गया।
एआईएमई अकादमी को मीडिया और मनोरंजन में एआई के एक राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र के रूपमें परिकल्पित किया गया है। क्षमता निर्माण, अनुसंधान, नवाचार और इनक्यूबेशन, जिम्मेदार एआई नीति विकास और रणनीतिक सहयोग के स्तंभों पर निर्मित यह अकादमी आईआईएमसी को पारंपरिक मीडिया प्रशिक्षण से भविष्योन्मुखी मीडिया क्षमता की ओर लेजाने का लक्ष्य रखती है। अकादमी का उद्देश्य भारत विशिष्ट प्रशिक्षण मॉड्यूल विकसित करना, पत्रकारिता में एआई पर व्यावहारिक अनुसंधान का समर्थन करना, समाचार कक्षों में एआई अपनाने के तौर-तरीकों का दस्तावेजीकरण करना और भारतीय मीडिया इकोसिस्टम में एआई के जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देना है। नई दिल्ली, ढेंकनाल, जम्मू, आइजोल, अमरावती और कोट्टायम में छह केंद्रों केसाथ आईआईएमसी भारत में भाषा विशिष्ट एआई क्षमता विकसित करने केलिए अद्वितीय रूपसे सक्षम है। यह अकादमी बहुभाषी संचार, सार्वजनिक सेवा प्रसारण, ग्रामीण श्रोताओं और लोकतांत्रिक विविधता सहित भारतीय वास्तविकताओं को एआई और मीडिया पर वैश्विक चर्चा में शामिल करने की भी आशा है।
एआई कौशल प्रशिक्षण में उपलब्धि हासिल करने वालों-दूरदर्शन, आकाशवाणी (ऑल इंडिया रेडियो), पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी), प्रकाशन विभाग और आईआईएमसी के प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। इसमें सरकारी सार्वजनिक सेवा संस्थानों और निजी समाचार कक्षों से चुने गए प्रतिभागियों को एआई की मूलभूत जानकारी और गूगल के एआई उपकरणों, जिनमें नोटबुकएलएम, जेमिनी, एआई स्टूडियो और पिनप्वाइंट की व्यावहारिक दक्षता के बारेमें प्रशिक्षित किया गया। सचिव चंचल कुमार ने प्रतिभागियों को बधाई दी और भारतीय मीडिया केलिए इस पहल के परिवर्तनकारी महत्व का उल्लेख किया। उन्होंने कहाकि यह भारतीय मीडिया संस्थानों के भविष्य केलिए तैयार होने के तरीके में एक व्यापक बदलाव का प्रतीक है। उन्होंने कहाकि हमारे सामने सवाल यह नहीं हैकि एआई मीडिया को प्रभावित करेगा या नहीं, यह प्रक्रिया तो पहले ही शुरू हो चुकी है, अधिक महत्वपूर्ण सवाल यह हैकि क्या हमारे पत्रकार, संपादक, मीडिया प्रशिक्षक और सार्वजनिक संचार पेशेवर आत्मविश्वास, जिम्मेदारी और भारत केंद्रित दृष्टिकोण केसाथ एआई को दिशा देंगे।
सचिव चंचल कुमार ने कहाकि भारत के सार्वजनिक सेवा मीडिया संस्थान जैसे दूरदर्शन, आकाशवाणी, पीआईबी और प्रकाशन विभाग पर भाषाओं और भौगोलिक क्षेत्रोंमें व्यापक स्तरपर संचार की अनूठी जिम्मेदारी है, इससे एआई केप्रति उनकी तत्परता विशेष रूपसे महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहाकि एआई का उपयोग सहायक के रूपमें किया जा सकता है, लेकिन संपादकीय जिम्मेदारी के विकल्प के रूपमें नहीं, यह गति में सुधार कर सकता है, लेकिन सटीकता की कीमत पर नहीं, यह रचनात्मकता को बढ़ावा दे सकता है, लेकिन प्रामाणिकता की कीमत पर नहीं, एआई युग में मानवीय निर्णय की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाएगी। सचिव ने 'मेक एआई इन इंडिया' और 'मेक एआई वर्क फॉर इंडिया' केप्रति सरकार के व्यापक दृष्टिकोण को सकारात्मक होने केसाथ सक्षम बनाने वाला और जिम्मेदारी वाला बताया। गौरतलब हैकि गूगल न्यूज़ इनिशिएटिव एआई स्किल्स 10 सप्ताह का हाइब्रिड प्रोग्राम था। इसे आईआईएमसी ने गूगल केसाथ साझेदारी में और हाउ इंडिया लिव्स के प्रशिक्षण सहयोग से शुरू किया था। इसमें निजी और सरकारी दोनों क्षेत्रों के प्रिंट, डिजिटल, ब्रॉडकास्ट, क्षेत्रीय और स्थानीय समाचार विभागों के प्रतिभागियों को शामिल किया गया था।

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