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भारत और नेपाल केबीच डिजिटल पेमेंट सेवा शुरू

दोनों देशों के बीच मजबूत आर्थिक और डिजिटल संबंधों को बढ़ावा

यूपीआई-एनपीआई बनी सुलभ सुरक्षित सीमापार भुगतान प्रणाली

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Thursday 11 June 2026 06:24:22 PM

india and nepal flag (file photo)

नई दिल्ली। भारत और नेपाल ने डिजिटल वित्तीय संपर्क और पड़ोसी देशों केसाथ सहयोग को बढ़ावा देने के एक महत्वपूर्ण कदम के रूपमें व्‍यक्ति-से-व्‍यक्ति (पी2पी) सीमापार धन प्रेषण तंत्र यानी डिजिटल पेमेंट सेवा का शुभारंभ कर दिया है। यह नव संचालित प्रणाली भारत के एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) और नेपाल के राष्ट्रीय भुगतान इंटरफेस (एनपीआई) केबीच एक सीधा संबंध स्थापित करती है। यह एकीकरण दोनों देशों के नागरिकों को मोबाइल बैंकिंग अनुप्रयोगों और डिजिटल वॉलेट के जरिए निर्बाध, वास्तविक समय और सुरक्षित रूपसे तत्काल धन हस्तांतरण करने में सक्षम बनाता है।
यूपीआई-एनपीआई जुड़ाव वित्तीय समावेशन में एक बड़ी प्रगति को दर्शाता है, जो भारत और नेपाल केबीच मजबूत आर्थिक और डिजिटल संबंधों को बढ़ावा देता है। यह सुलभ, सुरक्षित और किफायती सीमापार भुगतानों के क्षेत्रीय लक्ष्यों केसाथ पूरी तरह मेल खाता है, जिससे दीर्घकालिक सामाजिक और आर्थिक संबंध मजबूत होते हैं। यह तकनीकी एकीकरण नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया की अंतर्राष्ट्रीय शाखा-एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (एनआईपीएल) और नेपाल क्लियरिंग हाउस लिमिटेड (एनसीएचएल) केबीच सहयोग से निष्‍पादित किया गया। रणनीतिक रूप से यूपीआई-एनपीआई धन प्रेषण लिंकेज की मुख्‍य विशेषताएं हैंकि यह डिजिटल भुगतान गलियारा दोनों देशों केबीच लेनदेन की प्रणाली में महत्‍वपूर्ण परिवर्तन लाएगा और निम्‍नलिखित लाभ प्रदान करेगा। यात्रियों को मुद्रा विनिमय की जटिलताओं, बड़ी मात्रा में नकदी साथ रखने की आवश्‍यकता तथा अपरिचित विदेशी विनिमय शुल्कों से मुक्ति मिलेगी।
नेपाल के व्यवसायों को बड़ी संख्‍या में प्रौ‍द्योगिकी सक्षम भारतीय पर्यटकों और ग्राहकों तक सीधी पहुंच प्राप्त होगी, जिससे लेनदेन की मात्रा बढ़ेगी। स्थानीय व्यापारियों को नकदी प्रबंधन में सुविधा होगी, नकदी संभालने से जुड़े खर्च कम होंगे, सुरक्षित और वास्तविक समय में भुगतान निपटान संभव होगा। वास्‍तविक समय में प्रत्‍यक्ष हस्‍तांतरण यानी सीमापार नकदी ले जाने या पारंपरिक बैंकिंग माध्‍यमों पर निर्भर रहने की आवश्यकता कम होगी। गौरतलब हैकि विश्वभर में यूपीआई की पहुंच बढ़ रही है। सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, भूटान, कतर, श्रीलंका और कंबोडिया में यूपीआई स्वीकार किया जाता है। इन देशों में भारतीय यात्री अपने परिचित यूपीआई प्लेटफार्मों से आसानी से डिजिटल भुगतान कर सकते हैं। विश्व के देश भारत के साथ अपने रिश्तों को और ज्यादा मजबूत करने के प्रयासों में एक डिजिटल भुगतान प्रणाली को भी अपनाने पर जोर दे रहे हैं।

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