राष्ट्रपति भारतीय रक्षा बलों में बढ़ती महिला भागीदारी देखकर प्रसन्न!
'भारतीय सेना को अनुकूलनशील और भविष्य के लिए तैयार रहना चाहिए'स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Saturday 13 June 2026 04:11:45 PM
देहरादून। भारतीय सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून में 158वें नियमित पाठ्यक्रम और 141वें तकनीकी स्नातक पाठ्यक्रम की पासिंग आउट परेड का निरीक्षण किया। राष्ट्रपति ने इस अवसर पर देश के सबसे कठिन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में से एकको सफलतापूर्वक पूरा करने पर मेधावी अधिकारी कैडेटों को बधाई दी। उन्होंने कहाकि उनका साहस और बुद्धिमत्ता ही उनकी ताकत होगी। राष्ट्रपति को नौ महिला कैडेटों को देखकर अत्यंत प्रसन्नता हुई। उन्होंने कहाकि यह आईएमए के इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण है, यह न केवल भारत के रक्षा बलों के इतिहास में महत्वपूर्ण उपलब्धि है, बल्कि महिला नेतृत्व वाले विकास की दिशामें भारत की प्रगति का एक प्रेरणादायक उदाहरण भी है। उन्होंने विश्वास जतायाकि आगे औरभी कई महिला कैडेट्स अकादमी में शामिल होंगी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भारत के मित्र देशों के कैडेटों को भी बधाई दी। उन्होंने विश्वास व्यक्त कियाकि वे अपनी सेवा और आईएमए में सीखे मूल्यों से अपने सशस्त्र बलों और देशों केलिए उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान करेंगे। राष्ट्रपति ने कहाकि भारतीय सैन्य अकादमी में विदेशी कैडेटों की उपस्थिति विश्वभर के देशों केसाथ मित्रता, सहयोग और शांतिपूर्ण संबंधों को बढ़ावा देने केप्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहाकि यहां कैडेट्स आपसी विश्वास, समझ और पेशेवर संबंध विकसित करते हैं, जो राष्ट्रों केबीच रक्षा सहयोग को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राष्ट्रपति ने अधिकारी कैडेटों से कहाकि वे राष्ट्र की संप्रभुता, एकता और अखंडता के रक्षक हैं, उनपर 140 करोड़ से अधिक नागरिकों का विश्वास है। उन्होंने उन्हें याद दिलायाकि सेवा सर्वोच्च कर्तव्य है। उन्होंने कहाकि तेजी से बदलती सुरक्षा चुनौतियों, तकनीकी प्रगति और जटिल वैश्विक परिवेश के युग में भारतीय सेना को अनुकूलनशील और भविष्य केलिए तैयार रहना चाहिए।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने युवा अधिकारियों से जीवनभर सीखने वाले, साहसी निर्णय लेने वाले और नैतिक नेता बनने का आग्रह किया। राष्ट्रपति ने कहाकि सेना अधिकारी होने के नाते, कैडेट सैनिकों का नेतृत्व करने, उनका मार्गदर्शन करने और उनकी देखभाल करने केलिए जिम्मेदार होंगे। द्रौपदी मुर्मु ने कहाकि उन्हें उदाहरण प्रस्तुत करते हुए नेतृत्व करना होगा, उनमें आत्मविश्वास जगाना होगा, टीम वर्क और समर्पण की भावना को प्रोत्साहित करना होगा। राष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहाकि सैनिकों की भलाई केसाथ-साथ परिचालन दक्षता को संतुलित करके वे विश्वास का निर्माण करेंगे और जिन इकाइयों का वे नेतृत्व करेंगे उनकी युद्ध क्षमता को मजबूत करेंगे। उन्होंने उनसे आगे बढ़कर नेतृत्व करने, अपने सैनिकों की देखभाल करने और सशस्त्र बलों की उत्कृष्ट परंपराओं को बनाए रखने की अपेक्षा की है।