सर्बानंद सोनोवाल ने 'नाविकों को प्राथमिकता' देने वाले कदम उठाए
निहत्थे नागरिक व्यापारिक जहाजों पर हमलों पर कड़ी आपत्ति दर्जस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Wednesday 15 July 2026 04:58:12 PM
नई दिल्ली। भारत ने ईरान और अमेरिका की जंग केबीच होर्मुज जलडमरूमध्य में दो व्यापारिक जहाजों पर हमलों केबाद पश्चिम एशिया में बढ़ते समुद्री सुरक्षा संकट केबीच एक व्यापक 'सीफेरर फर्स्ट' प्रतिक्रिया शुरू की है। केंद्रीय पत्तन पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इस संघर्ष से प्रभावित इलाके में काम कर रहे हर भारतीय नाविक की सुरक्षा सुनिश्चित करने केलिए सरकार ने एक व्यापक और अभूतपूर्व होल ऑफ गवर्नमेंट यानी सरकार के सभी विभागों के सम्मिलित प्रयास वाला दृष्टिकोण अपनाया है। एक उच्चस्तरीय अंतर मंत्रालयी समीक्षा बैठक करते हुए सर्बानंद सोनोवाल ने वास्तविक समय में हर जहाज की निगरानी, प्रत्येक प्रभावित भारतीय नाविक केलिए समर्पित संपर्क अधिकारियों की नियुक्ति, विदेश मंत्रालय, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, रसायन और उर्वरक मंत्रालय, भारतीय नौसेना, जहाजरानी महानिदेशालय, ईरान और ओमान में भारतीय मिशनों के सहयोग से चौबीस घंटे समन्वय का आदेश दिया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में एमटी अल बहियाह और एमटी मोम्बासा पर हमलों केबाद यह उच्चस्तरीय अंतर मंत्रालयी समीक्षा बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दोनों जहाजों के कुल 46 लोगों के दल में 30 भारतीय नाविक शामिल थे। एमटी अल बहियाह पर एक भारतीय नाविक की मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल हो गया। एमटी मोम्बासा पर नौ भारतीय नागरिक घायल हुए, जिनमें से दो गंभीर रूपसे घायल हैं। सर्बानंद सोनोवाल ने कहाकि भारत ने निहत्थे नागरिक व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों पर कड़ी नाराजगी और आपत्ति जताई है, इन गैर-जिम्मेदाराना, अनुचित और अकारण हमलों के कारण भारतीय नाविक की मौत हुई है और कुछ गंभीर रूपसे घायल हुए, जबकि वे ग्लोबल सप्लाई चेन को सुचारू रूपसे चलाने में अहम भूमिका निभाने वाले कर्मचारी हैं। उन्होंने कहाकि हम यह सुनिश्चित करेंगेकि हमारे नाविकों के परिवारों की मदद और उनकी देखभाल की जाए, मैं प्रत्येक भारतीय नाविक और उनके परिवार को आश्वस्त करता हूंकि सरकार हरसंभव आपकी सहायता केलिए प्रतिबद्ध है।
सर्बानंद सोनोवाल ने कहाकि भारत सरकार ने आईएमओ के बहुपक्षीय मंचों और उन संबंधित देशों के समुद्री प्राधिकरण प्रतिनिधियों से बातचीत की है, जो उन कई घटनाओं में शामिल थे, जिनमें अंतर्राष्ट्रीय नियमों और समुद्री यात्रियों की सुरक्षा व बचाव की बुनियादी जरूरतों का उल्लंघन हुआ, साथ ही कमर्शियल जहाजों केलिए 'इनोसेंट पैसेज' (बिना रोक-टोक गुजरने) के अधिकार का भी उल्लंघन किया गया। उन्होंने कहाकि हम इन मुद्दों को सुलझाने की हर संभव कोशिश जारी रखेंगे और इस मुश्किल चुनौतीपूर्ण समय में हितधारकों केप्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखेंगे। सर्बानंद सोनोवाल ने मंत्रालय को निर्देश दियाकि क्षेत्रमें भारतीय नाविकों को नियुक्त करने वाले जहाज मालिक, पोत प्रबंधक और भर्ती प्लेसमेंट सेवा लाइसेंस एजेंसियां तुरंत अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करें और पुष्टि करें कि किसी भी भारतीय नाविक को पर्याप्त जानकारी, सुरक्षा और सहायता के बिना जहाज पर जाने केलिए मजबूर नहीं किया जा रहा है। शिकायतों के समाधान केलिए 24x7 चलने वाला एक सपोर्ट सिस्टम शुरू किया गया है, घरेलू टोलफ्री नंबर 1800-889-7768 है, जबकि इंटरनैशनल टोल-फ्री नंबर +1-888-988-0256 है। कोई भी शख्स +91 8655856830 पर वॉट्सऐप मेसेज भी भेज सकता है या enavik.24x7@gov.in पर ईमेल कर सकता है।
सर्बानंद सोनोवाल ने शिपिंग महानिदेशक को निर्देश दियाकि वे फारस की खाड़ी, होर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी में हर जहाज चाहे वे किसीभी देश के झंडे वाले हों पर मौजूद हर भारतीय का हिसाब रखने केलिए एक ऑपरेशनल डैशबोर्ड बनाएं। यह डैशबोर्ड जहाज की स्थिति, मालिकाना हक, कार्गो, क्रू की संख्या, क्रू की भलाई, खतरे का आकलन, प्रस्तावित यात्रा, अगले पोर्ट ऑफ कॉल और सुविधाओं की उपलब्धता के बारेमें रियलटाइम जानकारी देगा। उन्होंने निर्देश दियाकि प्रभावित इलाके में मौजूद हर भारतीय नाविक का अलग-अलग पता लगाया जाए, चाहे जहाज किसीभी देश का हो। उन्होंने अधिकारियों से कहाकि वे ईरान, ओमान और संयुक्त अरब अमीरात में भारतीय मिशनों और क्षेत्र के अन्य प्रभावित देशों केसाथ मिलकर काम करें, ताकि नौवहन सुरक्षा, तटीय राज्य परामर्श, मार्ग की स्थिति, सुरक्षित बंदरगाह की व्यवस्था, अस्पतालों, गंभीर रूपसे बीमार या घायल मरीज को तेजीसे और इमरजेंसी में ऐसी जगह पहुंचाना जहां बेहतर मेडिकल देखभाल मिल सके, स्वदेश वापसी की प्रक्रिया, शवों के प्रबंधन और चल रही जांच की स्थिति से संबंधित सत्यापित और वास्तविक समय की जानकारी प्राप्त की जा सके।