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भारत-नेपाल माल ढुलाई संपर्क और मजबूत

कोलकाता बंदरगाह से चली सीधी वाणिज्यिक कंटेनर मालगाड़ी

भारत की पड़ोसी देशों केसाथ मजबूत आर्थिक साझेदारी की पहल

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Wednesday 29 July 2026 12:17:19 PM

india-nepal freight connectivity further strengthened

कोलकाता/ काठमांडू। भारतीय रेल ने कोलकाता बंदरगाह से नेपाल के बिराटनगर सीमा शुल्क यार्ड तक पहली सीधी वाणिज्यिक कंटेनर मालगाड़ी के सफल परिचालन केसाथ भारत-नेपाल माल ढुलाई संपर्क को और ज्यादा मजबूत करने में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर ली है। कैनोला की खेप ले जाने वाले 40 डिब्बों वाली इस ट्रेन ने संशोधित भारत-नेपाल रेल पारगमन प्रोटोकॉल के तहत अपनी यात्रा पूरी की, जो रेल आधारित सीमा पार माल ढुलाई को लेकर एक नए अध्याय की शुरूआत है। इस सफल परिचालन से कोलकाता बंदरगाह से बिराटनगर तक कंटेनरीकृत माल की सीधे तौरपर रेलमार्ग से ढुलाई संभव हो गई है, जिसमें सीमा पर माल का स्थानांतरण नहीं करना पड़ेगा।
नेपाल केलिए पहली सीधी वाणिज्यिक कंटेनर मालगाड़ी का सफल परिचालन भारतीय रेल के एकीकृत, कुशल और भविष्य केलिए तैयार माल नेटवर्क के निर्माण के प्रयासों में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो क्षेत्रीय व्यापार, आर्थिक विकास और निर्बाध अंतर्राष्ट्रीय कनेक्टिविटी का समर्थन करता है। इस नई व्यवस्था से पारगमन समय, रसद लागत में काफी कमी होने केसाथ माल ढुलाई में आसानी होने की उम्मीद है, साथही दोनों पड़ोसी देशों केबीच सीमापार व्यापार की दक्षता, विश्वसनीयता और प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार होगा। यह उपलब्धि संशोधित भारत-नेपाल रेल पारगमन प्रोटोकॉल के कार्यांवयन से संभव हुई है, जो दोनों देशों केबीच माल की निर्बाध रेल परिवहन सुविधा प्रदान करता है। यह उपलब्धि जून 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नेपाल के तत्कालीन प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन किए गए जोगबानी (भारत) और बिराटनगर (नेपाल) केबीच ब्रॉड-गेज रेल लिंक पर आधारित है।
भारत-नेपाल के नवंबर 2025 में संशोधित लेटर ऑफ एक्सचेंज (एलओई) पर हस्ताक्षर केबाद बिराटनगर केलिए सीधी वाणिज्यिक रेल सेवा से द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग के नए अवसर खुल गए हैं। प्रत्यक्ष माल ढुलाई सेवा से आयात और निर्यात माल की आवाजाही को काफी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, क्योंकि यह परिवहन का एक तेज, अधिक किफायती और पर्यावरण के अनुकूल तरीका प्रदान करेगी। कई हैंडलिंग पॉइंट्स को कम करके और आपूर्ति श्रृंखला की दक्षता में सुधार करके, यह पहल निर्यातकों, आयातकों, लॉजिस्टिक संचालकों और सीमापार व्यापार में लगे उद्योगों को लाभ पहुंचाएगी। यह उपलब्धि भारतीय रेल के अंतर्राष्ट्रीय रेल संपर्क को बढ़ाने, माल ढुलाई व्यवस्था को मजबूत करने और आधुनिक परिवहन इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर से कारोबारी सुगमता लाने के सरकारी दृष्टिकोण के समर्थन को लेकर निरंतर प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है। रेल आधारित माल ढुलाई में वृद्धि से रसद लागत कम होगी, माल की विश्वसनीयता बढ़ेगी और परिवहन पर्यावरण के अनुकूल होगा, साथही पड़ोसी देशों केसाथ मजबूत आर्थिक साझेदारी को बढ़ावा मिलेगा।

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