उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री ने की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात
'साझी विरासत ने दोनों देशों की साझेदारी को और मजबूत किया'स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Monday 3 August 2026 03:24:27 PM
नई दिल्ली। उज्बेकिस्तान गणराज्य के विदेश मंत्री सईदोव बख्तियार ओदिलोविच ने आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। राष्ट्रपति भवन में सईदोव बख्तियार ओदिलोविच और उनके साथ आए प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहाकि भारत और उज्बेकिस्तान केबीच गहरे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंध हैं, जिनकी जड़ें प्राचीन व्यापारिक मार्गों से जुड़ी हैं। उन्होंने यह उल्लेख कियाकि वास्तुकला, भाषा, खान-पान, संगीत और धार्मिक परंपराओं जैसी साझी विरासत ने दोनों देशों की साझेदारी को और मजबूत किया है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहाकि भारत आए उज्बेकिस्तान के प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रमुख लीडरों की उपस्थिति और यात्रा के दौरान भारत-उज्बेकिस्तान व्यापार मंच का आयोजन इसबात का प्रमाण हैकि दोनों देशों के उद्योग जगत का एक-दूसरे के बाजारों पर भरोसा निरंतर बढ़ रहा है। उन्होंने खनन क्षेत्र विशेष रूपसे दुर्लभ मृदा खनिजों, कृषि, फार्मास्यूटिकल्स और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में भारत और उज्बेकिस्तान केबीच सहयोग की अपार संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला। राष्ट्रपति ने यह जानकर प्रसन्नता व्यक्त कीकि उज्बेकिस्तान के 3000 से अधिक अधिकारियों, पेशेवरों और विद्यार्थियों ने भारत के आईटीईसी प्रशिक्षण कार्यक्रमों और छात्रवृत्ति कार्यक्रमों का लाभ उठाया है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहाकि लगभग 16,000 से अधिक भारतीय विद्यार्थी उज्बेकिस्तान में उच्चशिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहाकि ये विद्यार्थी दोनों देशों केबीच एक सेतु का कार्य कर रहे हैं तथा आपसी समझ को बढ़ावा देने केसाथ-साथ जन-से-जन संबंधों को और अधिक मजबूत बना रहे हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री ने इसबात पर सहमति जताईकि इस मुलाकात के दौरान हुए विचार विमर्श से भारत उज्बेकिस्तान केबीच मित्रता, विश्वास और सहयोग संबंध औरभी अधिक मजबूत होंगे।