सोनिया गांधी, राहुल गांधी और खड़गे ने किया वंदे मातरम् का अपमान
स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री की लालकिले प्राचीर से संकल्पों की गूंजस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Sunday 16 August 2026 03:27:55 PM
नई दिल्ली। भारत की आजादी केबाद देश ने पहलीबार 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लालकिले की प्राचीर से राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की गूंज सुनी। यह वह पल था, जिसे मोदी सरकार में देखने और सुनने की उम्मीद की जा रही थी और वह पूरी हुई, मगर एक ऐसी भी घटना घटी जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस नेता सोनिया गांधी न केवल लालकिले पर देश के स्वतंत्रता दिवस समारोह में नहीं गए, अपितु उन्होंने कांग्रेस भवन पर स्वतंत्रता दिवस समारोह में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् का रोषपूर्ण गायन रुकवाकर उसका घोर अपमान किया, जिसके बाद इसकी भी इन नेताओं के खिलाफ देशभर में रोषपूर्ण गूंज हो रही है। बहरहाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लालकिले से देश को दिमागी नक्सलियों के ख़तरों से सावधान किया तो युवाओं केलिए एक देशव्यापी नि:शुल्क कोचिंग एवं एआई प्रोग्राम की घोषणा की। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने का जश्न मनाते हुए देशभर में हर दिल की धड़कन, हर घर तिरंगे की भावना और नए संकल्पों पर देशवासियों को हार्दिक बधाई दी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि हथियारबंद नक्सलियों को तो हरा दिया गया है, लेकिन नक्सली सोच अभीभी बनी हुई है, ये ताकतें मौके की तलाश में हैं, वे हिंसा और अराजकता के रास्ते खोज रही हैं और समाज को गलत रास्ते पर ले जाने केलिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रही हैं। प्रधानमंत्री ने कहाकि हमें इस नक्सली सोच की पहचान करनी होगी, हमें ऐसे तत्वों को अलग-थलग करना होगा और देश की युवा पीढ़ी को एक विकसित राष्ट्र बनाने की मुख्यधारा से जोड़ना होगा। प्रधानमंत्री ने कहाकि एक सुरक्षित भारत का निर्माण हम सबकी जिम्मेदारी है, चाहे चुनौती हमारी सीमाओं के भीतर से आए या सीमा के पार से, भारत हर स्थिति केलिए तैयार है, युद्ध का स्वरूप बदल रहा है, अब इस बात की कोई गारंटी नहीं हैकि युद्ध केवल युद्ध के मैदान में या सीमा पर ही लड़ा जाएगा। प्रधानमंत्री ने घोषणा कीकि आने वाले समय में हम एक मजबूत नागरिक सुरक्षा नेटवर्क बनाएंगे, हम अपने नागरिकों और नागरिक सुरक्षा कर्मियों को आधुनिक सिस्टम और तकनीकों से लैस करेंगे और उन्हें तैयारी के समकालीन तरीकों से परिचित कराएंगे। उन्होंने नौजवानों केलिए घोषणा कीकि आने वाले एकवर्ष में 1 करोड़ युवाओं को एआई स्किल की ट्रेनिंग दी जाएगी, विभिन्न परीक्षाओं की फ्री ऑनलाइन कोचिंग सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि आजादी केबाद पहलीबार 15 अगस्त को लालकिले पर वंदे मातरम् गूंज रहा है। नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता सेनानियों और महान क्रांतिकारियों को आदरपूर्वक नमन किया। भीषण बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित नागरिकों के परिवारों से सहयोग एवं सहानुभूति केसाथ गहरी एकजुटता व्यक्त कर कठिन समय में राष्ट्र का अटूट समर्थन व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने, भारत को आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तरपर प्रतिस्पर्धी बनाने, विनिर्माण, तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देने, ऊर्जा एवं राष्ट्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने, युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाने तथा ‘शक्ति की सप्त धारा’ से देश की विकास यात्रा को नई गति देने की व्यापक रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने कहाकि इन 12 वर्ष में देश के कोटि-कोटि नागरिकों ने चाहे दलित हो, पीड़ित, वंचित, आदिवासी, गांव शहर में रहने वाला हो, गरीब, मध्यम वर्ग, युवा, बुजुर्ग, स्त्री-पुरुष हो, उत्तर-दक्षिण, पूरब-पश्चिम हो, हर किसी ने एक संकल्प और समर्पण केसाथ देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का हर प्रकार से प्रयास किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि देश 12 साल के भीतर फास्टेस्ट ग्रोइंग इकोनॉमी बन गया है, डिफेंस प्रोडक्शन करीब 4 गुना, खादी और ग्राम उद्योग का उत्पादन करीब 5 गुना , इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग करीब 7 गुना, आधुनिक रेलवे कोच का निर्माण 21 गुना, मोबाइल फोन उत्पादन 35 गुना, इतना ही नहीं आधुनिक युग को देखकर के भी डिजिटल और इनोवेशन की दुनिया में अपना परचम लहरा रहा है। उन्होंने कहाकि गवर्नेंस में भी बहुत बदलाव आया है, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर केलिए मेट्रो का विस्तार करके पब्लिक ट्रांसपोर्ट को ताकत मिली है। नरेंद्र मोदी ने कहाकि देशवासियों को अपने हितों की सुरक्षा खुद करनी है, इसलिए देश आत्मनिर्भर भारत का संकल्प लेकर दृढ़ता से आगे बढ़ रहा है, मेक इन इंडिया, स्वदेशी, वोकल फॉर लोकल से हर भारतीय जुड़ रहा है। उन्होंने कहाकि डिजिटल भारत ने आत्मनिर्भर होकर सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू किए हैं, आने वाले सात-आठ वर्ष में और 5-7 या 8 सेमीकंडक्टर प्लांट भी बहुत जल्द शुरू होने वाले हैं। उन्होंने उल्लेख कियाकि नेशनल क्रिटिकल मिनरल्स लॉंच किया है, बजट में क्रिटिकल मिनरल्स कॉरिडोर की घोषणा की है, कई देशों केसाथ एग्रीमेंट हो रहे हैं, विश्व के कई देश अब इस दिशा में भारत पर भरोसा कर रहे हैं।
नरेंद्र मोदी ने कहाकि एनर्जी के बिना दुनिया को चलाना मुश्किल है, इसलिए हमें चिप हो, एआई हो, डाटा सेंटर हो बहुत बड़ी मात्रा में बिजली की जरूरत है। उन्होंने कहाकि एनर्जी सिक्योरिटी समय की मांग है, इसलिए हमने पहले ही इस दिशा में एकके बाद एक मजबूत कदम उठाए हैं। नरेंद्र मोदी ने कहाकि 2047 तक हम 100 गीगावॉट न्यूक्लियर पावर का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। नरेंद्र मोदी ने कहाकि इस दशक में हम पांच नए न्यूक्लियर रिएक्टर शुरू करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं, इस वर्ष भारत ने फास्ट ब्रीडर न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी में महारत हासिल करके एक अहम पड़ाव पार किया है और उसके कारण परमाणु ईंधन में आत्मनिर्भर बनने का एक बहुत बड़ा सफलता का कदम रखा है। उन्होंने समुद्र मंथन का जिक्र किया और कहाकि बीते दिनों हमने 85000 करोड़ रुपए आवंटित करके इसको गति देने का कार्य किया है। उन्होंने कहाकि आज पौने दो करोड़ घरों में पाइप से गैस पहुंच रही है, करीब 50 लाख घरों का सोलर एनर्जी का आंकड़ा पार कर चुके हैं, हजारों घरों का बिजली बिल जीरो हो गया है। प्रधानमंत्री ने जिक्र कियाकि देश में पहली हाइड्रोजन ट्रेन चला दी गई है, ये सबसे लंबी और ताकतवर ट्रेन है, हाइड्रोजन ट्रेन के क्षेत्रमें भी भारत ने दुनिया में अपना झंडा गाड़ दिया है।
प्रधानमंत्री ने कहाकि देश में सरकार की योजनाएं रंग ला रही हैं, देश में गैस भी है, पेट्रोल भी है, यूरिया भी है और हम अपनी ताकत के ऊपर खड़े होकर चल रहे हैं। उन्होंने कहाकि भारत दुनिया का एक सम्माननीय देश है, भारत केपास स्थिर पॉलिटिकल मैंडेट है, स्थिर सरकार है, भारत का वाइब्रेंट लोकतंत्र है, भारत का मजबूत न्याय तंत्र है, हम सबको दिशा देने वाला भारत का संविधान है और अब दुनिया हमारे इस सामर्थ्य को पहचानने लगी है। नरेंद्र मोदी ने एमएसएमई का आह्वान करते हुए कहाकि हमें दुनिया में पहुंचना है, भारतीय उत्पाद की हर चीज विश्व के बाजार में पहुंचे और चाहे हमारा टेक्सटाइल हो, मशीनरी हो, दवाइयां हो, हमे कोई मौका नहीं छोड़ना है, लेकिन वैश्विक जो पैरामीटर्स हैं, उस पैरामीटर को पार करना होगा, दुनिया से जो मिलता है, उससे अच्छा देना पड़ेगा। नरेंद्र मोदी ने कहाकि हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़े हैं और आनेवाले दिनों में भी नेक्स्ट लेवल रिफॉर्म की ओर बढ़ने वाले हैं, इसलिए सरकार, समाज, उद्योग, उत्पादक, किसान, हर किसी ने अपनी ट्रेडिशनल व्यवस्थाओं में रिफॉर्म करना पड़ेगा, सोच में रिफॉर्म करना होगा, अपने लक्ष्यों को रिफॉर्म करना होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सप्त धारा का आह्वान कियाकि इसके सामर्थ्य, शक्ति से हम देश को नई ऊंचाई, नई गति देंगे और नए लक्ष्यों को पार करने वाला सामर्थ्य देंगे। उन्होंने बतायाकि सप्त धारा की पहली शक्ति है-मैन्युफैक्चरिंग पावर, हमें मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बहुत आगे बढ़ाना होगा और प्रोडक्शन बढ़ाने केसाथ-साथ हमें छोटे-छोटे पुर्जे भी बनाने हैं और बड़े-बड़े प्रोडक्ट भी बनाने हैं। प्रधानमंत्री ने कहाकि हमें कंपोनेंट चाहिए, कंप्लीट मैन्युफैक्चरिंग चाहिए, कंप्लीट प्रोडक्ट भी चाहिए, डिजाइन से मैन्युफैक्चरिंग तक भारत को ग्लोबल सप्लाई चैन का भरोसेमंद केंद्र बनना होगा। नरेंद्र मोदी ने कहाकि क्वालिटी के संबंध में नो कॉम्प्रोमाइज और इसलिए हमारा मंत्र क्वालिटी होना चाहिए, यही हमारा ग्लोबल ब्रांड वैल्यू बनेगा। उन्होंने कहाकि सप्त धारा की दूसरी शक्ति है-कृषि और फूड प्रोडक्शन। उन्होंने कहाकि एफटीए के कारण हमें एक बहुत बड़ा मार्केट मिल रहा है, हमें खेत से लेकर एक्सपोर्ट मार्केट की ओर जाना है। उन्होंने किसानों से कहाकि वे केमिकल फ्री खेती को बढ़ावा दें, ग्लोबल पैरामीटर के अंदर हर प्रकार से सिद्ध होने वाले हमारे एग्रो प्रोडक्ट दुनिया में हम आसानी से पहुंच पाएंगे। सप्तधारा की तीसरी शक्ति है-टेक्नोलॉजी और इनोवेशन।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि जमाना एआई का है, क्वांटम, स्पेस का है, रोबोटिक्स, डाटा सेंटर्स का है, पूरी तरह एक नया क्षेत्र खुल चुका है और इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज हर पल हमें चुनौती दे रही हैं, इसलिए देश को इनोवेशन का हब बनाना है। उन्होंने कहाकि हमने यूपीआई और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर में लोहा मनवा लिया है, अब भारत को डिजिटल पब्लिक टेक्नोलॉजीज़, उसको भी दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाना है। उन्होंने कहाकि भारत को नेक्स्ट जनरेशन कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी में लीड करना है। नरेंद्र मोदी ने कहाकि मेड इन इंडिया 6G हर कोने में पहुंचे इसके लिए हमारा प्रयास तेज होना चाहिए। नरेंद्र मोदी ने कहाकि सप्त धारा की चौथी शक्ति है-गति शक्ति, यह देश के अंदर सीमलेस फास्ट कनेक्टिविटी पर बल देने, शहरों को हाई स्पीड रेल से हमें जोड़ने, मॉडर्न हाईवेज़ चाहिए, इनलैंड वाटरवेज़ चाहिए, एयरपोर्ट्स चाहिए, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स की व्यवस्था चाहिए। उन्होंने कहाकि पांचवी सप्त धारा की शक्ति है रक्षा शक्ति, जिसका महत्व हर प्रकार से डिफेंस में आत्मनिर्भर होना है। उन्होंने कहाकि नेक्स्ट जनरेशन डिफेंस टेक्नोलॉजी डेवलप करके हमें ग्लोबल सप्लायर बनना है, ड्रोन, काउंटर ड्रोन सिस्टम को विकसित करना है और हायपरसोनिक डिफेंस टेक्नोलॉजीज़ पर हमें लीडरशिप लेनी होगी। सप्त धारा की छठी शक्ति है-ग्रीन इकोनॉमी, ब्लू इकोनामी, जो ग्रीन जॉब्स को भी जन्म देती है।
नरेंद्र मोदी ने कहाकि भारत केपास ब्लू इकोनॉमी केलिए भी बहुत बड़ा अवसर है, बहुत बड़ा लंबा हमारा कोस्ट लाइन है, ब्लू इकोनॉमी केलिए बहुत बड़े अवसर हैं, फिशरीज हैं, कोस्टल टूरिज्म है, ओसियन टेक्नोलॉजी है, ऐसे कितने ही क्षेत्र हैं, जिसमें हम आगे बढ़ सकते हैं। नरेंद्र मोदी ने कहाकि सातवी सप्त धारा है-भारत के सॉफ्ट पावर की ताकत है, योग ने दुनिया को भारत केसाथ जोड़कर रखा हुआ है, योग दुनिया केलिए एक ऊर्जा बनता जा रहा है। उन्होंने कहाकि भारत केपास विशाल वन्य संपदाएं हैं, सौ से ज्यादा नेशनल पार्क हैं, सॉफ्ट पावर के जरिए दुनिया के टूरिस्टों को आकर्षित कर हमारा सामर्थ्य, हमें दुनिया को दिखाना है। उन्होंने कहाकि स्पोर्ट्स दुनिया में भारत केप्रति आकर्षण हैकि दुनिया के स्पोर्ट्स इवेंट भारत में क्यों ना हों, कॉन्सर्ट इकॉनमी बहुत बढ़ रही है, देश के नौजवानों का आकर्षण है, विश्व का हर कोई कलाकार चाहता है, कभी न कभी भारत में अपना कॉन्सर्ट करे, यह बहुत बड़ा अवसर है। उन्होंने कहाकि हमें 2047 के लक्ष्य के अनुरूप हमारी व्यवस्थाओं को विकसित करना होगा। प्रधानमंत्री ने कहाकि विकसित भारत की यात्रा में युवाओं की बहुत बड़ी भूमिका है, हमें विकसित भारत के लक्ष्य को युवाओं केसाथ जोड़कर आगे बढ़ना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि राष्ट्र निर्माण में हमारी बहनों बेटियों का योगदान हम सबके लिए बहुत बड़ा प्रेरणास्रोत बना हुआ है, फाइटर जेट हो या सिविल एविएशन हमारी बेटियां सबसे आगे दिखाई दे रही हैं। उन्होंने देश के सभी राजनीतिक दलों से लालकिले की प्राचीर से आग्रह कियाकि महिलाओं के सम्मान में आगे आएं, महिला आरक्षण लागू करके महिला सम्मान में जुड़ें, क्रेडिट लें और महिलाओं को उनका हक दें। प्रधानमंत्री ने देश के नौजवानों को जनगणना के काम में सक्रियता से जुड़ने केलिए भी कहा। उन्होंने अपना संबोधन समाप्त करते हुए कहाकि हमें गुलामी की मानसिकता हर पल मिटाते ही रहना है, जिस भारत का सपना नेताजी सुभाषचंद्र बोस, बाबासाहब डॉ भीमराव आंबेडकर, सरदार वल्लभभाई पटेल, भगत सिंह, सुखदेव राजगुरु, डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी, भगवान बिरसा मुंडा, ज्योतिबा फुले ने देखा था उन सबसे प्रेरणा लेकर हम आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने नागरिकों का आह्वान किया और कहाकि स्वयं से ऊपर राष्ट्र का हित हो और कर्तव्य ही हमारी पहचान हो।
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का 13 अगस्त को कांग्रेस रचनात्मक सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं गृहमंत्री अमित शाह पर बेहद गंदे शब्दों से हमला, विदेश नीति की धज्जियां उड़ाते हुए इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और प्रधानमंत्री पर भद्दा मजाक, राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का स्वतंत्रता दिवस समारोह में न जाना और कांग्रेस भवन में स्वतंत्रता दिवस समारोह में राहुल गांधी, सोनिया गांधी द्वारा राष्ट्रगीत वंदे मातरम् का अपमान बीते तीन दिन में देश के साथ ये ऐसी नाकाबिल-ए-बर्दाश्त घटनाएं हुई हैं, जिनसे देश असहज और स्तब्ध है। देशभर में कांग्रेस के इन तीनों शीर्ष नेताओं की वंदे मातरम् का अपमान करने पर तीव्र भर्त्सना हो रही है, जिनका इन नेताओं को जवाब देते नहीं बन रहा है। गौरतलब हैकि इसी लोकसभा सत्र में वंदे मातरम् को राष्ट्रगीत की अनिवार्यता को मान्यता दी गई है और यह राष्ट्रगीत पूर्णरूप से लालकिले की प्राचीर से गाया गया। कांग्रेस भवन में इसे पूर्णरूप से गाने पर कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने विरोध किया, जिसके बाद यह मामला देशभर में कांग्रेस की आलोचना का विषय बना हुआ है।