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जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) बिल पास

नरेंद्र मोदी सरकार में विश्वास आधारित शासन ढांचे का कमिटमेंट!

'ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस' और 'ईज़ ऑफ़ लिविंग' को और बढ़ावा

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Friday 3 April 2026 04:17:03 PM

jan vishwas (amendment of provisions) bill passed

नई दिल्ली। देश में एक और ऐतिहासिक जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक-2026 को लोकसभा और राज्यसभा से पास कर दिया गया है, जो देश में 'ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस' और 'ईज़ ऑफ़ लिविंग' को और बढ़ावा देने की दिशामें एक महत्वपूर्ण कदम है। यह विधेयक नरेंद्र मोदी सरकार में विश्वास आधारित शासन ढांचे को बढ़ावा देने और समानुपातिक नियमन सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह बिल देश में व्यक्तियों और व्यवसायों पर अनुपालन बोझ को कम करने केलिए छोटे अपराधों का अपराधमुक्तिकरण तथा मौजूदा कानूनी प्रावधानों को तर्कसंगत करने का प्रयास करता है।
जन विश्वास विधेयक के प्रावधानों के अनुसार 23 मंत्रालयों में प्रशासित 79 केंद्रीय अधिनियमों के 784 प्रावधानों में संशोधन किया गया है। इनमें से 717 प्रावधानों का अपराधमुक्तिकरण व्यापार सुगमता को बढ़ावा देने केलिए किया गया है, जबकि 67 प्रावधानों में संशोधन जीवन सुगमता को सुगम बनाने केलिए किया गया है। विधेयक छोटे अपराधों को हटाकर 1000 से अधिक अपराधों को तर्कसंगत करने का प्रयास करता है, जिससे समग्र नियामक वातावरण में सुधार होगा और व्यवसायों एवं नागरिकों केलिए अधिक अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र सक्षम होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट में साझा किया हैकि यह अत्यंत हर्ष का विषय हैकि संसद के दोनों सदनों में जन विश्वास (प्रावधान संशोधन) विधेयक-2026 पास कर दिया गया है, यह बिल ‘ईज़ ऑफ लिविंग’ और ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस’ को बढ़ावा देगा। उन्होंने कहाकि यह विधेयक एक विश्वास आधारित ढांचे को सुदृढ़ करता है, जो हमारे नागरिकों को सशक्त बनाता है, यह पुराने और अप्रासंगिक नियमों एवं विनियमों के अंत का प्रतीक है। यह मामलों के त्वरित निपटारे को सुनिश्चित करता है और अपराधमुक्तिकरण के माध्यम से मुकद्मों के बोझ को कम करता है। उन्होंने कहाकि यहभी विशेष रूपसे उल्लेखनीय हैकि इस विधेयक का मसौदा एक परामर्श आधारित दृष्टिकोण के साथ तैयार किया गया है। प्रधानमंत्री ने विधेयक के मसौदे में सुझाव देने वाले और संसद में इसका समर्थन करने वाले लोगों को बधाई भी दी।
गौरतलब हैकि यह विधेयक प्रारंभ में 18 अगस्त 2025 को लोकसभा में जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक 2025 के रूपमें पेश किया गया था। जन विश्वास विधेयक में 10 मंत्रालयों एवं विभागों के प्रशासित 16 केंद्रीय अधिनियमों के 355 प्रावधानों में संशोधन प्रस्तावित था और इसे लोकसभा की एक चयन समिति को भेजा गया था। जन विश्वास विधेयक का मसौदा तैयार करने केलिए तेजस्वी सूर्या की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने 49 बैठकें आयोजित कीं और 13 मार्च 2026 को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। समिति ने हितधारक परामर्श किया और विचाराधीन प्रावधानों के अलावा उसी अधिनियमों के प्रावधानों की भी जांच की एवं 62 अतिरिक्त केंद्रीय अधिनियमों में अपराधमुक्तिकरण की सिफारिश की।

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