हाथी दांत से बनी उत्कृष्ट कलाकृतियों को जब्त किया
डीआरआई ने लखनऊ में चलाया सुनियोजित अभियानस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Thursday 20 August 2026 12:58:13 PM
लखनऊ। राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने एक बड़े अभियान के तहत वन्यजीव तस्करों के एक गिरोह का भंडाफोड़ करके उसके पास से हाथी दांत से बनी 54 उत्कृष्ट कलाकृतियों को जब्त किया है। हाथी दांत की कलाकृतियों के अवैध व्यापार से जुड़ी विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर डीआरआई के अधिकारियों ने लखनऊ में एक सुनियोजित अभियान चलाया और वन्यजीव वस्तुओं के अवैध व्यापार में शामिल गिरोह के चार सदस्यों को पकड़ा, जिसके चलते हाथी दांत से बनी 54 उत्कृष्ट कलाकृतियां बरामद हुईं। बरामद कलाकृतियों में बैल, हाथी, कुत्ते की पशु मूर्तियां, योद्धा, बच्चे को गोद में लिए मां की मानव मूर्तियां तथा कैंची, कंघी, अगरबत्ती स्टैंड, सिंदूर दानी आदि अन्य वस्तुएं शामिल हैं।
हाथी दांत से बनी कलाकृतियां उत्कृष्ट, बारीक नक्काशी वाली, व्यावसायिक और प्राचीन मूल्य की हैं। जब्त की गई हाथीदांत की कलाकृतियों और गिरोह के चार सदस्यों को आगे की जांच केलिए उत्तर प्रदेश वन विभाग को सौंप दिया गया है। वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम-1972, अन्य बिंदुओं केसाथ वन्य जीव-जंतुओं और वनस्पतियों की लुप्तप्राय प्रजातियों में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार पर सम्मेलन के अंतर्गत भारत के अंतर्राष्ट्रीय दायित्वों को आगे बढ़ाने केलिए हाथी दांत और उससे निर्मित वस्तुओं के व्यापार और वाणिज्य पर प्रतिबंध लगाता है। दो अलग-अलग अभियानों में राजस्थान के सुजानगढ़ में 11 किलोग्राम हाथीदांत और कोलकाता के हावड़ा में देवी-देवताओं की जटिल रूपसे तैयार की गई हाथीदांत की दो मूर्तियां जब्त की गई थीं।
डीआरआई ने कर्नाटक के मैसूरु में एक गिरोह का भंडाफोड़ किया था और 4 किलोग्राम हाथीदांत जब्त किए थे। डीआरआई के इन अभियानों की श्रृंखला अवैध वन्यजीव तस्करी के बढ़ते खतरे को रेखांकित करती है और राष्ट्रीय कानूनों और सीआईटीईईएस के अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय दायित्वों के अनुसार भारत की जैव विविधता की रक्षा करने और ऐसे आपराधिक नेटवर्क को नष्ट करने केलिए डीआरआई की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है।