प्रधानमंत्री से मिले देश के अंतरिक्ष स्टार्टअप्स के सीईओ और संस्थापक
'अंतरिक्ष क्षेत्र के प्रति जिज्ञासु युवाओं को भरपूर सहयोग और प्रोत्साहन'स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Friday 21 August 2026 03:15:39 PM
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आज सुबह सेवातीर्थ में 20 अंतरिक्ष स्टार्टअप के सीईओ और संस्थापकों ने मुलाकात की। अंतरिक्ष क्षेत्र में रॉकेट और पुन: उपयोग योग्य अर्ध-क्रायोजेनिक प्रक्षेपण यान, एवियोनिक्स, उपग्रह, उन्नत प्रणोदन प्रणाली, अंतरिक्ष और रक्षा खुफिया, अंतरिक्ष मलबे को हटाने, एआई संचालित अति स्थानीय मौसम और जलवायु खुफिया आदि जैसे विविध क्षेत्रों में कार्यरत अग्रणी कंपनियों के सीईओ और संस्थापकों ने प्रधानमंत्री से संवाद किया। अंतरिक्ष स्टार्टअप्स ने प्रधानमंत्री से भारत के निजी अंतरिक्ष उद्योग की तीव्र प्रगति और इसके भविष्य केलिए अपना दृष्टिकोण साझा किया। उन्होंने बतायाकि उन्होंने देश में स्वदेशी रूपसे अपनी क्षमताओं और आवश्यक प्रौद्योगिकियों के निर्माण में काफी समय और प्रयास लगाया है। अंतरिक्ष स्टार्टअप्स ने प्रधानमंत्री को उनके समर्थन केलिए आभार व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतरिक्ष स्टार्टअप्स का एक ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र और वातावरण बनाने का आह्वान किया, जहां जब दुनिया अंतरिक्ष केबारे में सोचे तो उसकी नज़र भारत पर पड़े। उन्होंने कहाकि भारत के अंतरिक्ष स्टार्टअप्स में दुनिया की बड़ी दिलचस्पी है, भारत का अंतरिक्ष क्षेत्र वैश्विक प्रतिभाओं, कंपनियों और निवेश को देश की ओर आकर्षित करने केलिए एक चुंबक का काम कर सकता है। अंतरिक्ष स्टार्टअप के सीईओ और संस्थापकों ने सरकार के मजबूत समर्थन और उद्योग में सहयोग पर कहाकि उनकी टीमें अत्यधिक प्रेरित हैं और अंतरिक्ष क्षेत्र में महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को प्राप्त करने केलिए दृढ़ संकल्प केसाथ काम कर रही हैं। उन्होंने कहाकि अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी भागीदारी केलिए खोलने से काफी उत्साह पैदा हुआ है और उद्योग केलिए नए अवसर सृजित हुए हैं। उन्होंने कहाकि कई कंपनियों ने भारत के उभरते निजी अंतरिक्ष उद्योग की विकसित प्रौद्योगिकियों को अपनाने और उनका भरपूर लाभ उठाने में रुचि दिखाई है। प्रधानमंत्री ने अंतरिक्ष स्टार्टअप्स को नए क्षेत्र में साहस और नेतृत्व केलिए बधाई दी। उन्होंने कहाकि इस क्षेत्र में उनके विश्वास ने उस दूरदृष्टि को और मजबूत किया है, जिसके तहत अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी भागीदारी केलिए खोला गया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उल्लेख कियाकि कई देश या तो अंतरिक्ष क्षेत्र में निवेश नहीं कर सकते या निवेश करना नहीं चाहते, इससे भारत को वैश्विक अंतरिक्ष क्षेत्र में अपनी स्थिति को तेजीसे मजबूत करने का एक बड़ा अवसर मिलता है। नरेंद्र मोदी ने कहाकि अंतरिक्ष क्षेत्र केप्रति जिज्ञासु युवाओं को भरपूर सहयोग और प्रोत्साहन है। उन्होंने अंतरिक्ष कंपनियों को अपनी प्रौद्योगिकियों के नए अनुप्रयोगों का पता लगाने और इस बात पर ध्यान केंद्रित करने केलिए प्रोत्साहित कियाकि ये लोगों के जीवन को कैसे और आसान बना सकते हैं? प्रधानमंत्री ने अंतरिक्ष क्षेत्र की कंपनियों और अन्य क्षेत्रों में काम करने वाली कंपनियों केबीच अधिक सहयोग का सुझाव दियाकि वे अंतरिक्ष मलबे पर काम करने वाली कंपनियां पर्यावरण संगठनों के साथ मिलकर अपनी तकनीकों का विस्तार कर सकती हैं। कृषि क्षेत्र केसाथ काम करने वाली अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी कंपनियां कृषि विश्वविद्यालयों और विभागों केसाथ सहयोग कर सकती हैं, ताकि किसानों को बेहतर जानकारी के आधार पर निर्णय लेने और अपनी पैदावार को अधिकतम करने में मदद मिल सके।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतरिक्ष स्टार्टअप के सीईओ और संस्थापकों का अटल टिंकरिंग लैब्स केसाथ घनिष्ठ सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने कहाकि इससे कम उम्र से ही बच्चों में अंतरिक्ष क्षेत्र केप्रति जिज्ञासा और रुचि पैदा हो सकती है। प्रधानमंत्री के साथ संवाद में अंतरिक्ष क्षेत्र में कार्यरत 20 स्टार्टअप के सीईओ और संस्थापकों ने भाग लिया, इनमें स्काईरूट एयरोस्पेस, अग्निकुल कॉसमॉस, पिक्सल, ध्रुवा स्पेस, गैलेक्सीआई, पियरसाइट, बेलाट्रिक्स एयरोस्पेस, दिगंतारा, सैटश्योर, सुहोरा टेक्नोलॉजीज, मनस्तु स्पेस, एस्ट्रोबेस, टेकमी2स्पेस, व्योमआईसी, कॉस्मोसर्व स्पेस, ऑर्बिटएड एयरोस्पेस, स्काईसर्व (हाइस्पेस), सेरेन्डिपिटी स्पेस, वासर लैब्स और मिस्टईओ प्रमुख हैं।