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पश्चिम बंगाल में तेज हुआ फेंसिंग कार्य

घुसपैठ रोककर देश को सुरक्षित करना हमारा संकल्प-शाह

गृहमंत्री ने सिलीगुड़ी सुरक्षा कॉरिडोर राष्ट्र को समर्पित किया

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Saturday 22 August 2026 04:20:16 PM

overview of border security capabilities in siliguri

सिलीगुड़ी। गृहमंत्री अमित शाह ने कहा हैकि पश्चिम बंगाल ने राष्ट्रीय सुरक्षा को तरजीह देने वाली सरकार चुनी है, शुभेंदु अधिकारी सरकार पश्चिम बंगाल में सफलतापूर्वक घुसपैठ रोक रही है, देश को सुरक्षित बनाना सरकार का संकल्प है, फेंसिंग जिसका सबसे मजबूत उपाय है। अमित शाह ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की तारीफ करते हुए कहाकि जबसे उन्होंने सरकार संभाली है, केंद्र को तुरंत सीमा सुरक्षा केलिए हरसंभव सहयोग प्राप्त हो रहा है। अमित शाह ने कहाकि पश्चिम बंगाल में सरकार गठन के 45 दिन के भीतर ही भारत सरकार को 1129 एकड़ भूमि बीएसएफ और एसएसबी को मिल गई, यह ऐसी जमीनें थीं, जो भारत सरकार 2014 से ही मांग रही थी, लेकिन बंगाल की पिछली सरकार ने जमीन नहीं दी। अमित शाह ने सिलीगुड़ी में सशस्त्र सीमा बल की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया और जवानों से संवाद किया।
सीमा सुरक्षा बल के सिलीगुड़ी सीमांत मुख्यालय का प्रशासनिक भवन 80 एकड़ में निर्मित हो रहा है। 19वीं वाहिनी ठाकुरगंज, 12वीं वाहिनी किशनगंज का ई-शिलान्यास और पारगमन शिविर न्यू जलपाईगुड़ी का शिलान्यास हुआ है, कुल 189 करोड़ रुपये के नए प्रोजेक्ट एसएसबी के जवानों की प्रशासनिक और आवासीय सुविधाओं केलिए शुरू किए गए हैं। अमित शाह ने कहाकि वह जबसे गृहमंत्री बने हैं, तबसे चाहे एसएसबी हो, बीएसएफ हो या असम राइफल्स सुरक्षा बलों की जरूरतें गृह मंत्रालय के एजेंडे में टॉप मोस्ट प्रायोरिटी पर हैं। अमित शाह ने कहाकि जब सीमा पर बाड़ लगी होती है, तो उसकी रक्षा करने का काम आसान होता है, लेकिन बाड़रहित सीमाओं की निगरानी सबसे कठिन होती है। उन्होंने कहाकि सबसे कठिन काम एसएसबी जवानों का है, क्योंकि वो खुले बॉर्डर पर तैनात हैं। गौरतलब हैकि राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से सिलीगुड़ी कॉरिडोर आठ राज्यों को जोड़ने वाला अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण गलियारा है, इससे नेपाल, भूटान और बांग्लादेश की अंतर्राष्ट्रीय सीमाएं लगती हैं और यह राष्ट्र की सुरक्षा से जुड़ा है। सरकार ने अधिक जनघनत्व वाले इस कॉरिडोर में जागरुकता एवं अपनी उपस्थिति बढ़ाई है। गृहमंत्री ने कहाकि सुरक्षित, महफ़ूज़ और जीवंत लैंड बॉर्डर के अपने कॉन्सेप्ट को हम आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने कहाकि आज यहां हमारे जवानों की सुविधा केलिए 190 करोड़ रुपये इंवेस्ट करके देश की रक्षा करने की क्षमताओं को बढ़ावा देने का काम किया गया है, इससे जवानों के मन, मस्तिष्क और शरीर को भी आराम मिलेगा और उन्हें काम करने का अच्छा वातावरण प्राप्त होगा।
अमित शाह ने कहाकि इस 15 अगस्त को राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ की रचना के 150 साल पूरे होने और देश की आजादी के 80 साल होने पर पहलीबार लाल किले की प्राचीर से ‘वंदे मातरम’ का पूरा गायन हुआ है। उन्होंने कहाकि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय की अमर कृति ‘वंदे मातरम’ ने आजादी के आंदोलन को न केवल गति दी, बल्कि एक लक्ष्य भी दियाकि आजाद भारत कैसा होगा। गृहमंत्री ने खेद व्यक्त कियाकि आजादी के समय देश के टुकड़े होने केबाद भी मुख्य विपक्षी दल ने ‘वंदे मातरम’ को कभी मन से नहीं स्वीकार किया, संसद में ‘वंदे मातरम’ का पूरा गान नहीं होता था। इसपर कानून बनने से हर रोज स्कूल में ‘वंदे मातरम’ का पूरा गान होगा, बच्चे राष्ट्रभक्ति की भावना से ओतप्रोत होंगे। अमित शाह ने कहाकि बंगाल में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एसएसबी, आईटीबीपी और बीएसएफ के कार्यक्रमों में नहीं आती थीं। वर्ष 1965 से मणिपुर, जम्मू-कश्मीर और त्रिपुरा, 1975 में मेघालय, 1976 में सिक्किम, 1985 में राजस्थान और गुजरात और 1989 में नागालैंड, मिजोरम और दक्षिण बंगाल तक एसएसबी का विस्तार हुआ। इस अवसर पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, दार्जिलिंग से लोकसभा सांसद राजू बिष्ट, केंद्रीय गृहसचिव गोविंद मोहन, आसूचना ब्यूरो के निदेशक महेश दीक्षित, सीमा प्रबंधन सचिव डॉ राजेंद्र कुमार और एसएसबी के महानिदेशक संजय सिंघल और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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