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नशामुक्ति के लिए सामाजिक भागीदारी जरूरी

छत्तीसगढ़ में नशामुक्ति पर वार्तालाप और चित्र प्रदर्शनी कार्यक्रम

एनसीबी की नशा तस्करों पर सख्त कार्रवाई और जनजागरुकता

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Monday 24 August 2026 01:10:23 PM

ncb's strict action against drug traffickers and public awareness initiatives

रायपुर। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो छत्तीसगढ़ के अधीक्षक अनिल कुमार ने युवाओं को नशे से दूर रखने केलिए परिवार, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और मीडिया की सामूहिक भागीदारी का आह्वान किया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ में नशे की समस्या से निपटने केलिए नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और जनजागरुकता को समान महत्व देने पर जोर दिया। अनिल कुमार पत्र सूचना कार्यालय रायपुर की ओर से ‘नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ पर राजनांदगांव में वार्तालाप एवं चित्र प्रदर्शनी कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। अनिल कुमार ने कहाकि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल तस्करी के खिलाफ कार्रवाई तक सीमित नहीं हो सकती, नशीले पदार्थों की अवैध आपूर्ति की मांग और पहुंच को कम करना बहुत जरूरी है।
एनसीबी के अधीक्षक ने बतायाकि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो नशीले पदार्थों पर नियंत्रण की रणनीति में आपूर्ति नियंत्रण और मांग में कमी दोनों पहलुओं पर काम करता है। उन्होंने बतायाकि विभिन्न केंद्रीय और राज्य एजेंसियों में समन्वय केसाथ प्रवर्तन एवं जागरुक गतिविधियां संचालित हैं। उन्होंने कहाकि छत्तीसगढ़ में युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने में मीडिया की भूमिका निर्णायक हो सकती है। उन्होंने कहाकि जनसमुदाय में समाचार पत्र, टेलीविजन, डिजिटल माध्यम और सामाजिक मीडिया की व्यापक पहुंच का इस्तेमाल नशे के दुष्प्रभावों को तथ्यपरक और सरल भाषा में प्रसारित करने केलिए किया जाना चाहिए। उन्होंने मीडिया प्रतिनिधियों से नशे के खिलाफ सकारात्मक जनजागरुकता का वातावरण तैयार करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। एनसीबी अधीक्षक ने बतायाकि छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में स्कूलों, महाविद्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर नशे के दुष्प्रभावों केप्रति जागरुकता बढ़ाने केलिए कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहाकि युवाओं को नशे से दूर रखने केलिए सरकारी प्रयासों केसाथ समाज की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। कार्यक्रम में पत्रकार प्रियंका कौशल ने कहाकि नशे के खिलाफ लड़ाई को प्रभावी जनआंदोलन बनाने केलिए पत्रकारिता को सामाजिक सरोकार और जनजागरण से जोड़ना होगा। उन्होंने कहाकि पत्रकार अपनी कलम और जनसंचार की ताकत से युवाओं तथा समाज को नशे के दुष्परिणामों केप्रति जागरुक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहाकि केवल नशा छोड़ो का संदेश दोहराने से अपेक्षित बदलाव नहीं आएगा, पत्रकारिता को नशे के सामाजिक कारणों, इससे प्रभावित परिवारों और नशे से बाहर निकलने वाले लोगों की वास्तविक कहानियों को सामने लाकर समाज में व्यवहार परिवर्तन का वातावरण तैयार करना होगा। प्रियंका कौशल ने छत्तीसगढ़ में कम उम्र के बच्चों और युवाओं में नशे की शुरुआत को गंभीर चुनौती बताते हुए कहाकि बच्चों को नशे से बचाना केवल परिवार की जिम्मेदारी नहीं है।
पत्रकार प्रियंका कौशल ने कहाकि समाज, मीडिया और प्रत्येक जागरुक नागरिक को अपनी भूमिका निभानी होगी। उन्होंने अपने पत्रकारिता अनुभव का उल्लेख करते हुए रायपुर के हाटबंद क्षेत्र की वर्षों पुरानी रिपोर्टिंग का उदाहरण साझा किया, जहां नशे के कारण परिवारों की बदहाल स्थिति से परेशान महिलाओं ने इसके खिलाफ संघर्ष किया था। उन्होंने कहाकि नशे का असर केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरा परिवार और समाज इसकी चपेट में आता है। उन्होंने नशे के महिमामंडन के खिलाफ सामाजिक चेतना की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहाकि फिल्मों, गीतों और सामाजिक व्यवहार में कई बार नशे को तनाव या दुख से मुक्ति के साधन के रूपमें प्रस्तुत किया जाता है, ऐसी धारणाओं को चुनौती देने केलिए मीडिया को नशे के दीर्घकालिक स्वास्थ्य, पारिवारिक और सामाजिक दुष्परिणामों को तथ्यपरक तरीके से सामने लाना चाहिए। कार्यक्रम में ‘सबेरा संकेत’ के संपादक सुशील कोठारी और ‘दैनिक दावा’ के संपादक दीपक बुद्धदेव ने भी अपने विचार रखे।
दिग्विजय महाविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर शंकर मुनि राय ने पत्रकारिता के सामाजिक दायित्व पर प्रकाश डालते हुए अन्याय, अत्याचार, भ्रष्टाचार और सामाजिक विसंगतियों के खिलाफ निर्भीकता से पत्रकारिता करने का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहाकि नशे के खिलाफ प्रभावी लड़ाई केलिए सरकारी प्रयासों केसाथ मीडिया, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और परिवारों की साझी भागीदारी जरूरी है। कार्यक्रम में पत्रकारों से छत्तीसगढ़ के युवाओं को नशे से बचाने और नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी पत्रकारिता को जनजागरुकता के अभियान से जोड़ने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के जोनल निदेशक रवि जोशी, ‘नांदगांव टाइम्स’ के संपादक अशोक कुमार पांडे और वरिष्ठ पत्रकार पुरुषोत्तम तिवारी मंच पर उपस्थित थे।

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