नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने अहमदाबाद में किया लॉंच
'केंद्र सरकार की अंतर्राष्ट्रीय विमानन हब रणनीति का एक अहम हिस्सा'स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Wednesday 2 September 2026 02:10:12 PM
अहमदाबाद। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने अहमदाबाद से 'हब एंड स्पोक' इंटरनेशनल फ़्लाइट ऑपरेशन लॉंच किया है। वाराणसी और अमृतसर केबाद अहमदाबाद देश का तीसरा ऐसा एयरपोर्ट बन गया है, जिसे इंटरनेशनल पैसेंजर मूवमेंट केलिए भारत के 'हब एंड स्पोक' फ़्रेमवर्क में शामिल किया गया है। लॉंच कार्यक्रम में नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल और गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी उपस्थित थे। वाराणसी से 25 जून 2026 को हब एंड स्पोक ऑपरेशन शुरू होने केसाथ ही भारतीय एविएशन में एक नए अध्याय की शुरुआत हुई। इस चरणबद्ध विस्तार केतहत 28 जुलाई 2026 को अमृतसर एयरपोर्ट से भी 'हब एंड स्पोक' ऑपरेशन शुरू किए गए। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने अहमदाबाद को इसमें शामिल करके एक ऐसे इंटीग्रेटेड, निर्बाध और यात्री केंद्रित एविएशन नेटवर्क बनाने का महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जो दिल्ली में अपने हब एयरपोर्ट के ज़रिए भारत के विभिन्न क्षेत्रों को सीधे दुनिया से जोड़ता है।
नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने कहाकि अब अहमदाबाद से हब एंड स्पोक ऑपरेशन ग्लोबल कनेक्टिविटी को और मज़बूत करेंगे, अबतक अहमदाबाद से पेरिस, टोरंटो या सिडनी जैसी जगहों पर जानेवाले यात्रियों को दिल्ली केलिए घरेलू उड़ान लेनी पड़ती थी, अलग-अलग बुकिंग करानी पड़ती थी, पहुंचने पर सामान संभालना पड़ता था, बड़े एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन की लाइनों से गुज़रना पड़ता था और कनेक्टिंग फ़्लाइट छूटने का जोखिम भी उठाना पड़ता था। उन्होंने कहाकि हब एंड स्पोक सिस्टम केतहत इमिग्रेशन, चेकइन और बैगेज चेक थ्रू प्रक्रियाएं अब अहमदाबाद में ही पूरी हो जाएंगी और सामान सीधे अंतिम अंतर्राष्ट्रीय डेस्टिनेशन तक पहुंचेगा। उन्होंने कहाकि हब एंड स्पोक मॉडल सरकार की इंटरनेशनल एविएशन हब स्ट्रैटेजी का एक अहम हिस्सा है। इसका मकसद 2030 तक भारत को भारतीय यात्रियों के लिए पसंदीदा एविएशन हब और 2047 तक एक प्रमुख ग्लोबल एविएशन हब बनाना है। स्पोक एयरपोर्ट से फ्लाइट AI 1117 यात्रियों को मुख्य रूपसे यूरोप, दक्षिण-पूर्व एशिया और मध्य पूर्व के 22 डेस्टिनेशन से जोड़ेगी, जबकि शाम की सर्विस AI 1121 (जो 20:15 बजे रवाना होगी) उत्तरी अमेरिका, पूर्वी एशिया, दक्षिण-पूर्व एशिया, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप के 17 डेस्टिनेशन तक कनेक्टिविटी बढ़ाएगी।
राममोहन नायडू ने कहाकि यह पहल भारत की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति और बड़े एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल करके भारतीय हब के ज़रिए कनेक्टिविटी को मज़बूत करती है और विदेशी ट्रांज़िट एयरपोर्ट पर निर्भरता कम करती है। राममोहन नायडू ने बतायाकि बीते साल 1.6 करोड़ यात्रियों ने अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों में सवार होने केलिए अहमदाबाद से दिल्ली की यात्रा की थी। उन्होंने कहाकि हब एंड स्पोक यात्रा व्यवस्था केसाथ अहमदाबाद 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स केलिए ज़्यादा से ज़्यादा जगहों से आनेवाले ग्लोबल दर्शकों का स्वागत करने केलिए तैयार होगा। राममोहन नायडू ने कहाकि ज़्यादा लोगों के आनेजाने का फ़ायदा अहमदाबाद के टेक्सटाइल, फ़ार्मास्युटिकल, हीरा रत्न और इंजीनियरिंग सेक्टर को मिलेगा। उन्होंने कहाकि इसके फ़ायदे सिर्फ़ एविएशन तक ही सीमित नहीं हैं, बेहतर इंटरनेशनल कनेक्टिविटी से गुजरात के बिज़नेस समुदाय, एक्सपोर्टर्स, हैंडीक्राफ्ट कारीगरों, इन्वेस्टर्स, टूरिस्ट्स और स्टूडेंट्स को खास फ़ायदा होगा, क्योंकि उन्हें इंटरनेशनल मार्केट और डेस्टिनेशन तक बेहतर पहुंच मिलेगी। राममोहन नायडू ने बतायाकि इस फ़ेज़ में हब एंड स्पोक कनेक्टिविटी को 22 और एयरपोर्ट्स तक बढ़ाया जाएगा, जिसमें सूरत भी शामिल है।
अहमदाबाद का मज़बूत जुड़ाव व्यापार, पर्यटन, इंवेस्टमेंट और क्षेत्रीय आर्थिक विकास में मदद कर सकता है, जिससे गुजरात के एक ग्लोबली कनेक्टेड राज्य के तौरपर विकास में योगदान मिलेगा। नागरिक उड्डयन मिनिस्ट्री की स्टडीज़ से पता चलता हैकि एविएशन हब के विकास से लगभग 4 लाख डायरेक्ट और इनडायरेक्ट नौकरियां पैदा हो सकती हैं और 2030 तक भारत की जीडीपी में अतिरिक्त 30 बिलियन अमेरिकी डॉलर का योगदान हो सकता है। वर्ष 2047 तक इसका कुल असर लगभग 1.6 करोड़ डायरेक्ट और इनडायरेक्ट नौकरियों को सपोर्ट कर सकता है और अर्थव्यवस्था में लगभग 1.4 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का योगदान दे सकता है। कार्यक्रम में मिनिस्ट्री ऑफ़ सिविल एविएशन के सेक्रेटरी समीर कुमार सिन्हा, गुजरात सरकार के चीफ़ सेक्रेटरी मनोज कुमार दास, डीजीसीए के डीजी राजेश निरवान, मिनिस्ट्री ऑफ़ सिविल एविएशन के एडिशनल सेक्रेटरी पुनीत कंसल, और ब्यूरो ऑफ़ इमिग्रेशन, कस्टम्स, सीआईएसएफ के प्रतिनिधि, इंडस्ट्री एसोसिएशन, होटल हॉस्पिटैलिटी से जुड़े लोग, ट्रैवल पार्टनर, पर्यटन प्रतिनिधि भी शामिल हुए।